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Balrampur News: मान्यता 665 की, आरटीई पोर्टल पर सिर्फ 259 स्कूल
Wed, 17 May 2023 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 17 May 2023 11:22 PM IST
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बलरामपुर। गरीब बच्चे भी निजी स्कूलों में पढ़ सकें, इस मुहिम को झटका लग रहा है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिले के लिए बनाए गए यूपी आरटीई पोर्टल पर सिर्फ 259 स्कूलों का ही पंजीकरण है। जबकि मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या 665 है। अब तक 99 बच्चों का प्रवेश अलग-अलग स्कूलों में करने का दावा विभाग द्वारा किया जा रहा है। 69 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं।
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए पोर्टल विकसित किया गया है। इसपर अभिभावकों को आवेदन करना होता है। स्कूलों का पंजीकरण पोर्टल पर करना होता है। इसमें हर स्कूल में कक्षा एक या प्री प्राइमरी में नामांकित बच्चों के सापेक्ष 25 फीसदी सीट आरटीई के तहत तय की गई है।
हैरानी की बात यह है कि पोर्टल पर पंजीकृत स्कूलों की संख्या सिर्फ 259 है जबकि विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर नजर डालें तो 665 है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पोर्टल पर स्कूलों का विवरण ही नहीं होगा तो अभिभावक आवेदन कैसे करेंगे। जिला समन्वयक निरंकार पांडेय से इस संबंध में पूछा गया तो वे कोई सटीक जानकारी नहीं दे सके। अलग-अलग तर्क देने लगे।
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अभिभावक कर चुके हैं शिकायत
आरटीई की सूची में नाम आने के बाद भी प्रवेश न करने की शिकायत अभिभावक कर चुके हैं। भगवतीगंज निवासी अब्दुल सलाम का कहना था कि 24 मार्च को पहली सूची में बेटे अब्दुल रहीम का चयन हुआ था। सभी अभिलेख देने के बाद भी एडमीशन नहीं हुआ। सिविल लाइन निवासी अंशुमान दीक्षित ने बताया कि बेटी श्रेयाशी का एडमीशन न होने पर डीएम से शिकायत की है। इस मामले की जांच भी हो रही है।
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आरटीई के तहत प्रवेश के लिए पोर्टल विकसित किया गया है। इसपर अभिभावकों को आवेदन करना होता है। स्कूलों का पंजीकरण पोर्टल पर करना होता है। इसमें हर स्कूल में कक्षा एक या प्री प्राइमरी में नामांकित बच्चों के सापेक्ष 25 फीसदी सीट आरटीई के तहत तय की गई है।
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हैरानी की बात यह है कि पोर्टल पर पंजीकृत स्कूलों की संख्या सिर्फ 259 है जबकि विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर नजर डालें तो 665 है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पोर्टल पर स्कूलों का विवरण ही नहीं होगा तो अभिभावक आवेदन कैसे करेंगे। जिला समन्वयक निरंकार पांडेय से इस संबंध में पूछा गया तो वे कोई सटीक जानकारी नहीं दे सके। अलग-अलग तर्क देने लगे।
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अभिभावक कर चुके हैं शिकायत
आरटीई की सूची में नाम आने के बाद भी प्रवेश न करने की शिकायत अभिभावक कर चुके हैं। भगवतीगंज निवासी अब्दुल सलाम का कहना था कि 24 मार्च को पहली सूची में बेटे अब्दुल रहीम का चयन हुआ था। सभी अभिलेख देने के बाद भी एडमीशन नहीं हुआ। सिविल लाइन निवासी अंशुमान दीक्षित ने बताया कि बेटी श्रेयाशी का एडमीशन न होने पर डीएम से शिकायत की है। इस मामले की जांच भी हो रही है।