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Balrampur News: क्रय केंद्र बढ़े, धान खरीद की रफ्तार अब भी सुस्त
Sun, 23 Nov 2025 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:22 PM IST
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गोंडा। जिले में धान खरीद सीजन शुरू हुए 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन खरीद की रफ्तार अभी भी बेहद धीमी है। किसानों की समस्या को देखते हुए 19 नए क्रय केंद्र बनाकर कुल 118 केंद्र सक्रिय कर दिए हैं, फिर भी खरीद आंकड़ों में खास बढ़ोतरी नहीं दिख रही। अब तक सिर्फ 502 किसानों ने अपना धान बेचा है, जिससे 2210 मीट्रिक टन खरीद ही हो सकी है।
नए सिस्टम में किसानों की पहचान के लिए आइरिस स्कैन अनिवार्य किया गया है। केंद्रों पर मौजूद मशीनों में बार-बार तकनीकी दिक्कतें आने से सत्यापन में अधिक समय लग रहा है। डिप्टी आरएमओ एनके पाठक ने बताया कि अधिकांश केंद्रों से शिकायत आ रही है कि आइरिस मशीन अंधेरे में आसानी से स्कैन कर लेती है, उजाले में देरी होती है। ज्यादातर क्रय केंद्र पर अंधेरे में मशीन रखने की व्यवस्था नहीं है। इस वर्ष 118 क्रय केंद्रों के माध्यम से एक लाख 18 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
किसान परेशान, अधिकारी समाधान में जुटे
गंगापुर के किसान रामसजीवन ने बताया कि वह दो बार केंद्र तक जा चुके हैं, लेकिन सत्यापन नहीं हो पाया। महादेवा के शत्रोहनलाल ने कहा आइरिस स्कैन में देरी और पोर्टल हैंग होने से समय की बर्बादी हो रही है। वहीं डिप्टी आरएमओ ने मशीन में तकनीकि समस्या का समाधान कराने के लिए उच्च अधिकारियों को सूचित किया है।
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नए सिस्टम में किसानों की पहचान के लिए आइरिस स्कैन अनिवार्य किया गया है। केंद्रों पर मौजूद मशीनों में बार-बार तकनीकी दिक्कतें आने से सत्यापन में अधिक समय लग रहा है। डिप्टी आरएमओ एनके पाठक ने बताया कि अधिकांश केंद्रों से शिकायत आ रही है कि आइरिस मशीन अंधेरे में आसानी से स्कैन कर लेती है, उजाले में देरी होती है। ज्यादातर क्रय केंद्र पर अंधेरे में मशीन रखने की व्यवस्था नहीं है। इस वर्ष 118 क्रय केंद्रों के माध्यम से एक लाख 18 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
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किसान परेशान, अधिकारी समाधान में जुटे
गंगापुर के किसान रामसजीवन ने बताया कि वह दो बार केंद्र तक जा चुके हैं, लेकिन सत्यापन नहीं हो पाया। महादेवा के शत्रोहनलाल ने कहा आइरिस स्कैन में देरी और पोर्टल हैंग होने से समय की बर्बादी हो रही है। वहीं डिप्टी आरएमओ ने मशीन में तकनीकि समस्या का समाधान कराने के लिए उच्च अधिकारियों को सूचित किया है।
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