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नहीं चलीं प्राइवेट बसें लेकिन खुली रही दुकानें
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बलरामपुर। किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रहे विपक्षी नेताओं को प्रशासन ने घरों में नजरबंद कर दिया। मंगलवार को सड़क पर विरोध करने उतरे कांग्रेसी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारत बंद का समर्थन करते हुए राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा। किसान यूनियन के समर्थन में अन्य पार्टियों ने भी विरोध जताया है।
जिला मुख्यालय पर भारत बंद पूरी तरह फेल रहा। साप्ताहिक बंदी होने के बावजूद जिला मुख्यालय की अधिकांश दुकानें खुली रहीं। तुलसीपुर, उतरौला, गैसड़ी, पचपेड़वा, ललिया, हरैया सतघरवा, श्रीदत्तगंज, रेहरा बाजार व सादुल्लाहनगर आदि बाजारों में भी भारत बंद का मिला जुला असर रहा।
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किसानों के समर्थन में प्राइवेट बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। प्राइवेट बसों का संचालन ठप होने के कारण यात्रियों को यात्रा करने में काफी असुविधा झेलनी पड़ी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारत बंद का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध जताया।
सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे कांग्रेसी, गिरफ्तार
किसान यूनियन के आह्वान पर भारत बंद का समर्थन करने तथा सड़क पर प्रदर्शन के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोडवेज के पास गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने प्रदेश सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसानों को तबाह कर दिया।
तमाम सरकारी विभागों का निजीकरण करने के बाद सरकार अब कृषि क्षेत्र को भी उद्योग पतियों के हवाले करना चाहती है। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया कृषि कानून किसानों के लिए अभिशाप साबित होगा। हम लोग हर स्तर पर इस विधेयक का विरोध करेंगे।
गिरफ्तार किये गए नेताओं में कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ महिला जिलाध्यक्ष आरिफा उत्साही, किसान प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरज मोदनवाल, हनीफ मास्टर, दीपक मिश्रा, अमिरका प्रसाद, राज बहादुर यादव, पवन शुक्ला, राम बहादुर, प्रदीप शर्मा, धर्मेंद्र मिश्रा, अवधेश पाल सिंह, आशिफ रजा, डा. प्रतीक मिश्रा व डॉ. हामिद खलीउल्ला आदि शामिल रहे।
भारत बंद का समर्थन कर सपा ने सौंपा ज्ञापन
किसान यूनियन के आह्वान पर भारत बंद का समर्थन करते हुए सपा नेताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ को सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव ने तीनों कृषि विधेयक को वापस लिये जाने, एमएसपी को कानूनी गारंटी दिये जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किए जाने, गन्ने का मूल्य 500 रुपए क्विंटल किए जाने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किये जाने, धान क्रय केंद्र पर किसानों का धान खरीदे जाने, पराली जलाने के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद किये जाने तथा पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की नीति को वापस लिये जाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपते समय पूर्व विधायक जगराम पासवान, सपा जिला महासचिव शफीउल्ला खां, युवा सपा नेता राकेश यादव, पूर्व जिला महासचिव इकबाल जावेद, विजय कुमार मौर्य, दिनेश प्रताप सिंह व आरके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विपक्षी नेताओं को पुलिस ने किया नजरबंद
भारत बंद का समर्थन कर रहे विपक्षी दल के नेताओं व किसान यूनियन के पदाधिकारियों को पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया। उत्तर प्रदेश वन निगम के पूर्व चेयरमैन सलिल सिंह टीटू, पूर्व विधायक अनवर महमूद, पूर्व विधायक अशफाक अहमद, पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि शाबान अली, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मध्यजोन दीपांकर सिंह, तुलसीपुर ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद, हरैया सतघरवा पूर्व ब्लाक प्रमुख विजय यादव, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अख्तर हुसैन, प्रसपा जिलाध्यक्ष अय्याज मुस्तफा, भारतीय किसान यूनियन टिकैट गुट के जिलाध्यक्ष हृदयराम वर्मा, जिला पंचायत सदस्य डिप्टी सिंह, लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी इरशाद अहमद गद्दी, बसपा नेता जेबा रिजवान, मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड के पूर्व जिलाध्यक्ष आदिल हुसैन, किसान क्रांति यूनियन के जिलाध्यक्ष खलील शाह व सपा नेता बुद्धि सागर मणि तिवारी आदि को पुलिस ने घर में ही देर शाम तक नजरबंद रखा।
साप्ताहिक बंदी के बावजूद खुली रही दुकानें
किसान यूनियन के भारत बंद का असर जिला मुख्यालय पर देखने को नहीं मिला। मंगलवार साप्ताहिक बंदी के बावजूद मुख्यालय की अधिकांश दुकानें खुली रहीं। बाजार में दुकान बंद करने के लिए विपक्षी पार्टियों ने एक दिन पहले ही व्यापारियों से अपील की थी। विपक्षी नेताओं की अपील का व्यापारियों पर कोई असर दिखाई नहीं दिया। दुकानदारों ने सुबह 10 बजे से ही दुकानें खोल दीं। यही स्थिति तुलसीपुर, उतरौला, गैसड़ी, पचपेड़वा व रेहरा बाजार सहित ग्रामीण क्षेत्र के अन्य बाजारों में भी रही।
भारत बंद को देखते हुए प्रशासन रहा सतर्क
किसान यूनियन व विपक्षी दलों के आह्वान पर भारत बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। भारत बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही जिले में धारा 144 लगा दी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विपक्षी नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया गया। बाजारों में सुरक्षा के लिए चौराहों पर सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल मुस्तैद रहा।
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समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारत बंद का समर्थन करते हुए राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा। किसान यूनियन के समर्थन में अन्य पार्टियों ने भी विरोध जताया है।
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जिला मुख्यालय पर भारत बंद पूरी तरह फेल रहा। साप्ताहिक बंदी होने के बावजूद जिला मुख्यालय की अधिकांश दुकानें खुली रहीं। तुलसीपुर, उतरौला, गैसड़ी, पचपेड़वा, ललिया, हरैया सतघरवा, श्रीदत्तगंज, रेहरा बाजार व सादुल्लाहनगर आदि बाजारों में भी भारत बंद का मिला जुला असर रहा।
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किसानों के समर्थन में प्राइवेट बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। प्राइवेट बसों का संचालन ठप होने के कारण यात्रियों को यात्रा करने में काफी असुविधा झेलनी पड़ी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारत बंद का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध जताया।
सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे कांग्रेसी, गिरफ्तार
किसान यूनियन के आह्वान पर भारत बंद का समर्थन करने तथा सड़क पर प्रदर्शन के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोडवेज के पास गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने प्रदेश सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार ने किसानों को तबाह कर दिया।
तमाम सरकारी विभागों का निजीकरण करने के बाद सरकार अब कृषि क्षेत्र को भी उद्योग पतियों के हवाले करना चाहती है। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया कृषि कानून किसानों के लिए अभिशाप साबित होगा। हम लोग हर स्तर पर इस विधेयक का विरोध करेंगे।
गिरफ्तार किये गए नेताओं में कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ महिला जिलाध्यक्ष आरिफा उत्साही, किसान प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरज मोदनवाल, हनीफ मास्टर, दीपक मिश्रा, अमिरका प्रसाद, राज बहादुर यादव, पवन शुक्ला, राम बहादुर, प्रदीप शर्मा, धर्मेंद्र मिश्रा, अवधेश पाल सिंह, आशिफ रजा, डा. प्रतीक मिश्रा व डॉ. हामिद खलीउल्ला आदि शामिल रहे।
भारत बंद का समर्थन कर सपा ने सौंपा ज्ञापन
किसान यूनियन के आह्वान पर भारत बंद का समर्थन करते हुए सपा नेताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ को सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव ने तीनों कृषि विधेयक को वापस लिये जाने, एमएसपी को कानूनी गारंटी दिये जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किए जाने, गन्ने का मूल्य 500 रुपए क्विंटल किए जाने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किये जाने, धान क्रय केंद्र पर किसानों का धान खरीदे जाने, पराली जलाने के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद किये जाने तथा पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की नीति को वापस लिये जाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपते समय पूर्व विधायक जगराम पासवान, सपा जिला महासचिव शफीउल्ला खां, युवा सपा नेता राकेश यादव, पूर्व जिला महासचिव इकबाल जावेद, विजय कुमार मौर्य, दिनेश प्रताप सिंह व आरके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विपक्षी नेताओं को पुलिस ने किया नजरबंद
भारत बंद का समर्थन कर रहे विपक्षी दल के नेताओं व किसान यूनियन के पदाधिकारियों को पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया। उत्तर प्रदेश वन निगम के पूर्व चेयरमैन सलिल सिंह टीटू, पूर्व विधायक अनवर महमूद, पूर्व विधायक अशफाक अहमद, पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि शाबान अली, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मध्यजोन दीपांकर सिंह, तुलसीपुर ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद, हरैया सतघरवा पूर्व ब्लाक प्रमुख विजय यादव, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अख्तर हुसैन, प्रसपा जिलाध्यक्ष अय्याज मुस्तफा, भारतीय किसान यूनियन टिकैट गुट के जिलाध्यक्ष हृदयराम वर्मा, जिला पंचायत सदस्य डिप्टी सिंह, लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी इरशाद अहमद गद्दी, बसपा नेता जेबा रिजवान, मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड के पूर्व जिलाध्यक्ष आदिल हुसैन, किसान क्रांति यूनियन के जिलाध्यक्ष खलील शाह व सपा नेता बुद्धि सागर मणि तिवारी आदि को पुलिस ने घर में ही देर शाम तक नजरबंद रखा।
साप्ताहिक बंदी के बावजूद खुली रही दुकानें
किसान यूनियन के भारत बंद का असर जिला मुख्यालय पर देखने को नहीं मिला। मंगलवार साप्ताहिक बंदी के बावजूद मुख्यालय की अधिकांश दुकानें खुली रहीं। बाजार में दुकान बंद करने के लिए विपक्षी पार्टियों ने एक दिन पहले ही व्यापारियों से अपील की थी। विपक्षी नेताओं की अपील का व्यापारियों पर कोई असर दिखाई नहीं दिया। दुकानदारों ने सुबह 10 बजे से ही दुकानें खोल दीं। यही स्थिति तुलसीपुर, उतरौला, गैसड़ी, पचपेड़वा व रेहरा बाजार सहित ग्रामीण क्षेत्र के अन्य बाजारों में भी रही।
भारत बंद को देखते हुए प्रशासन रहा सतर्क
किसान यूनियन व विपक्षी दलों के आह्वान पर भारत बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। भारत बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही जिले में धारा 144 लगा दी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विपक्षी नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया गया। बाजारों में सुरक्षा के लिए चौराहों पर सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल मुस्तैद रहा।