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200 उद्यमियों को 35 प्रतिशत अनुदान देने की तैयारियां
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बलरामपुर। सूक्ष्म उद्योग का कारोबार करने वाले जिले के 200 उद्यमियों को उद्यान विभाग से 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा। उद्यान विभाग में आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना शुरु की गई है। उद्यमियों को योजना में 15 दिन के अंदर ऑनलाइन जिला रिर्सोस पर्सन के रुप में कार्य करने के लिए उद्यान विभाग में 30 अगस्त तक आवेदन करना होगा।
जिला उद्यान अधिकारी लाल बहादुर मौर्य ने बीते दिन बताया कि आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना का शुभारंभ जिले में किया गया है।
उद्योग लगाकर सालाना अधिकतम पांच करोड़ तक टर्नओवर व एक करोड़ तक पूंजी निवेश करने वाले नमकीन, बेकरी, आचार, मुरब्बा, आटा चक्की, राइस, तेल, दाल, मसाला, ढाबा, मिठाई, मुर्गी-मत्स्य पालन, मांस उद्योग, किन्नू, भुजिया, पेठा, डेयरी, लीची, टमाटर, आलू, साबुदाना, पापड़, माटे अनाज आधारित उत्पाद, पशु आहार, मुर्गी चारा व खानेपीने से संबंधित कारोबार करने वाले जिले के 200 कारोबारियों को 15 दिन में आवेदन करने पर योजना में शामिल किया जाएगा।
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आधारभूत संरचना, कार्यशील पूंजी, प्लांट, मशीनरी व फर्नीचर आदि पर लागत का 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख रुपये तक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दिए जाएंगे। इस योजना में नए उद्योग स्थापित करने वाले व्यक्तिगत उद्यमी, स्वयं सहायता समूह व सहकारी संस्थाओं को भी मौका दिया जाएगा।
ओडीओपी उत्पाद मक्का से संबंधित उद्योग लगाने वालों को सरकार की तरफ से आधारभूत संरचना, कार्यशील पूंजी, प्लांट, मशीनरी व फर्नीचर पर 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख रुपये और विज्ञापन, ब्रांडिंग व विपणन पर 50 प्रतिशत की मदद मिलेगी।
उद्यमियों को 10 प्रतिशत धनराशि स्वयं लगानी होगी। बैंक से ऋण के रुप में 90 प्रतिशत धनराशि मिलेगी जिस पर 35 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। उद्यमियों को पंजीकरण कराने में मदद देने वाले जिला रिर्सोस पर्सन को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
बीएससी एग्रीकल्चर, एमएससी एग्रीकल्चर डिग्री धारक जो डीपीआर तैयार कराने का अनुभव रखते हों उन्हें 30 अगस्त तक उद्यान विभाग में आवेदन करना होगा। प्रत्येक रिर्सोस पर्सन को प्रति बैंक की ऋण स्वीकृति पर 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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जिला उद्यान अधिकारी लाल बहादुर मौर्य ने बीते दिन बताया कि आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना का शुभारंभ जिले में किया गया है।
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उद्योग लगाकर सालाना अधिकतम पांच करोड़ तक टर्नओवर व एक करोड़ तक पूंजी निवेश करने वाले नमकीन, बेकरी, आचार, मुरब्बा, आटा चक्की, राइस, तेल, दाल, मसाला, ढाबा, मिठाई, मुर्गी-मत्स्य पालन, मांस उद्योग, किन्नू, भुजिया, पेठा, डेयरी, लीची, टमाटर, आलू, साबुदाना, पापड़, माटे अनाज आधारित उत्पाद, पशु आहार, मुर्गी चारा व खानेपीने से संबंधित कारोबार करने वाले जिले के 200 कारोबारियों को 15 दिन में आवेदन करने पर योजना में शामिल किया जाएगा।
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आधारभूत संरचना, कार्यशील पूंजी, प्लांट, मशीनरी व फर्नीचर आदि पर लागत का 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख रुपये तक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दिए जाएंगे। इस योजना में नए उद्योग स्थापित करने वाले व्यक्तिगत उद्यमी, स्वयं सहायता समूह व सहकारी संस्थाओं को भी मौका दिया जाएगा।
ओडीओपी उत्पाद मक्का से संबंधित उद्योग लगाने वालों को सरकार की तरफ से आधारभूत संरचना, कार्यशील पूंजी, प्लांट, मशीनरी व फर्नीचर पर 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख रुपये और विज्ञापन, ब्रांडिंग व विपणन पर 50 प्रतिशत की मदद मिलेगी।
उद्यमियों को 10 प्रतिशत धनराशि स्वयं लगानी होगी। बैंक से ऋण के रुप में 90 प्रतिशत धनराशि मिलेगी जिस पर 35 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। उद्यमियों को पंजीकरण कराने में मदद देने वाले जिला रिर्सोस पर्सन को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
बीएससी एग्रीकल्चर, एमएससी एग्रीकल्चर डिग्री धारक जो डीपीआर तैयार कराने का अनुभव रखते हों उन्हें 30 अगस्त तक उद्यान विभाग में आवेदन करना होगा। प्रत्येक रिर्सोस पर्सन को प्रति बैंक की ऋण स्वीकृति पर 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं।