{"_id":"668ad7bace99bd182d08f5ea","slug":"parents-rejected-330-government-schools-balrampur-news-c-99-1-slko1018-111553-2024-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: 330 सरकारी स्कूलों को अभिभावकों ने नकारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: 330 सरकारी स्कूलों को अभिभावकों ने नकारा
Sun, 07 Jul 2024 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 07 Jul 2024 11:30 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। जिले मेंं संचालित 355 निजी विद्यालयों में से मात्र 25 विद्यालयों में ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत 204 बच्चों का प्रवेश कराया गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अभिभावक चुनिंदा 25 विद्यालयों में ही अपने बच्चों का प्रवेश कराना चाहते हैं। अन्य बचे 330 स्कूलों में अभिभावक बच्चों का दाखिला कराना नहीं चाहते हैं। ऐसे में गरीब अभिभावकों को बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिलाने में पसीने छूट रहे हैं।
शैक्षिक सत्र 2024-25 में आरटीई के तहत चार चरणों में निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के लिए बच्चों का प्रवेश हो चुका है। पहले चरण में 76, दूसरे में 84, तीसरे में 31 व चौथे चरण में 13 छात्र-छात्राओं को प्रवेश कराया गया है। अभिभावक जिले के कुछ चुनिंदा विद्यालयों में ही प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे में विद्यालयों की सीटें फुल होने के कारण उनका फार्म रद्द हो जाता है। वर्ष 2017-18 से अब तक विभिन्न विद्यालयों में 331 बच्चों का प्रवेश कराया गया है। अधिकांश अभिभावकों को सिर्फ पहले वर्ष ही पुस्तक व यूनिफार्म के लिए पांच हजार रुपये मिल सके हैं।
आरटीई के तहत निजी विद्यालय में बच्चों का प्रवेश कराया गया है। चुनिंदा स्कूलों में ही अभिभावक प्रवेश कराना चाहते हैं, इसलिए सभी का प्रवेश कराने में परेशानी होती है। जिन बच्चों का प्रवेश हो गया है उन्हें पुस्तक व यूनिफार्म के लिए बजट मिलते ही पैसा उपलब्ध करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
शुभम शुक्ल, बीएसए
विज्ञापन
शैक्षिक सत्र 2024-25 में आरटीई के तहत चार चरणों में निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के लिए बच्चों का प्रवेश हो चुका है। पहले चरण में 76, दूसरे में 84, तीसरे में 31 व चौथे चरण में 13 छात्र-छात्राओं को प्रवेश कराया गया है। अभिभावक जिले के कुछ चुनिंदा विद्यालयों में ही प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे में विद्यालयों की सीटें फुल होने के कारण उनका फार्म रद्द हो जाता है। वर्ष 2017-18 से अब तक विभिन्न विद्यालयों में 331 बच्चों का प्रवेश कराया गया है। अधिकांश अभिभावकों को सिर्फ पहले वर्ष ही पुस्तक व यूनिफार्म के लिए पांच हजार रुपये मिल सके हैं।
विज्ञापन
आरटीई के तहत निजी विद्यालय में बच्चों का प्रवेश कराया गया है। चुनिंदा स्कूलों में ही अभिभावक प्रवेश कराना चाहते हैं, इसलिए सभी का प्रवेश कराने में परेशानी होती है। जिन बच्चों का प्रवेश हो गया है उन्हें पुस्तक व यूनिफार्म के लिए बजट मिलते ही पैसा उपलब्ध करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
शुभम शुक्ल, बीएसए