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Balrampur News: फर्जी जॉबकार्ड के आधार पर सरकारी धन की बंदरबांट

Fri, 06 Oct 2023 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Fri, 06 Oct 2023 12:04 AM IST
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Misappropriation of government money on the basis of fake job card
बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में मनरेगा से जुड़े कार्यों में गड़बड़ी थमने का नाम नहीं ले रही। गैसड़ी के हरनहवा सुस्ता गांव के बाद अब हरैया सतघरवा के कटकुइया गांव में फर्जी जॉबकार्ड के आधार सरकारी धन के बंदरबांट का मामला उजागर हुआ है। इसमें शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार शुक्ल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम पंचायत कटकुइया में रोजगार सेवक फर्जी जॉबकार्ड बनाकर मनरेगा के बजट का बंदरबांट कर रहे हैं। प्रधान के सगे संबंधियों का जॉबकार्ड बनाकर उनके खाते में फर्जी तरीके से मनरेगा का पैसा भेजा जा रहा है। इतना ही नहीं गांव के अन्य लोगों के खाते में भी पैसा भेजने के बाद उनको 500 रुपये देकर बाकी पैसा जबरन खाते से निकलवाया जा रहा है। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि इस संबंध में मिली शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर संबंधित रोजगार सेवकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय होगी।
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बीडीओ ने श्रम एवं रोजगार उपायुक्त को भेजी रिपोर्ट
इससे पूर्व गैसड़ी की ग्राम पंचायत हरनहवा सुस्ता में भी ग्रामीणों ने मनरेगा कार्य में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में खंड विकास अधिकारी अवनींद्र कुमार पांडेय ने अपनी रिपोर्ट उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को कार्रवाई की संस्तुति के साथ भेजी है। इसमें बताया गया कि उन्होंने गांव में जाकर लगाए गए आरोपों के संबंध में ग्रामीणों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए।
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इस दौरान ग्रामीण बच्चूलाल, राजमति, गज्जन, दुरपाती ने आरोप लगाया कि ग्राम रोजगार सेवक सिर्फ अपने चहेते लोगों को ही काम दिलवाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रोजगार सेवक ने आवास दिलाने के नाम पर 500-500 रुपये की अवैध वसूली भी की है। इस संबंध में रोजगार सेवक मांगे गए लिखित स्पष्टीकरण में संतोषजनक उत्तर न मिलने से आरोप उचित साबित होते हैं।
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