फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Many Anganwadi centers closed, construction of many incomplete

कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद, कई के निर्माण अधूरे

Thu, 07 Oct 2021 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 10:42 PM IST
विज्ञापन
Many Anganwadi centers closed, construction of many incomplete
बलरामपुर। बेलीखुर्द व नंदमहरा आंगनबाड़ी केंद्र तो महज बानगी हैं। ऐसे ही जिले के तमाम आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल बेहाल है। कोरोना महामारी के दौर से बंद पड़े जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभी भी ताले लटक रहे हैं। जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण अभी तक अधूरे पड़े हैं।
विज्ञापन

आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्मिकों के उपस्थिति का हाल बेहाल है। कोरोना महामारी के दौर की खुमारी अभी तक टूटती नहीं दिख रही। इसके चलते चार अक्तूबर से आंगनबाड़ी केंद्रों को संचालित करने का फरमान भी बेअसर दिख रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के साथ आंगनबाड़ी कर्मियों का समन्वय भी नहीं है।
विज्ञापन

हालांकि भंगहाकला की तरह कई आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन भी नियमित तौर पर किया जा रहा है। जिले में कुल 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है जिसमें 70 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। विभाग के पास 942 निजी भवन हैं जिसमें 133 निर्माणाधीन हैं। नवनिर्मित 50 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन हैंडओवर होने की स्थिति में हैं। जिले में 915 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन प्राथमिक विद्यालयों के भवन में हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में 1882 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तुलना में 1423 की और 1782 सहायिकाओं की तुलना में 1379 की तैनाती है। हर माह गर्भवती/धात्री महिलाओं, छह माह से तीन वर्ष तक बच्चों को एक-एक किलोग्राम चावल-चना दाल व 445 ग्राम सोयाबीन तेल, तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को एक-एक किलोग्राम चावल-चना दाल और अतिकुपोषित बच्चों को 1.5 किलोग्राम चावल, दो किलोग्राम चना दाल व 445 ग्राम सोयाबीन तेल देना है।
तुलसीपुर ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र बेलीखुर्द के भवन का निर्माण चार वर्ष से अधूरा पड़ा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना द्विवेदी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। ग्रामीण समर बहादुर, कृपाशंकर, दया शंकर, चंद्रभान व जगदंबा प्रसाद आदि ने बताया कि कई बार भवन निर्माण पूरा कराने के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा गया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तुलसीपुर ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र नंदमहरा में पड़ताल के दौरान ताला लटकता पाया गया। ग्रामीण मदन, संतराम, सूरज, वैरागी व राजेन्द्र आदि ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से आगनबाड़ी केंद्र बंद है। नियमित केंद्र न खुलने से गांव के लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
तुलसीपुर ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र भंगहाकला पड़ताल में खुला पाया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा शुक्ला बच्चों को पढ़ाती हुई पाई गई। पुष्पा ने बताया कि बीते चार अक्तूबर से केंद्र खोला जा रहा है और बच्चों, किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को विभागीय योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

डीपीओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन का निर्देश कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को दिया गया है। सभी 10 परियोजनाओं में तैनात बाल विकास परियोजना अधिकारियों को केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और पूरी रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई व लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed