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Balrampur News: 315 किसान खोलेंगे 81 लाख के गेहूं गबन का राज
Wed, 16 Sep 2026 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 16 Sep 2026 11:46 PM IST
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फोटो-33-बलरामपुर के कौवापुर में स्थित बी पैक्स केंद्र।-संवाद
बलरामपुर। 311 मीट्रिक टन गेहूं गबन का राज 315 किसानों से पूछताछ के बाद खुलने की उम्मीद है। पीसीएफ के गेहूं क्रय केंद्र कौवापुर, नचौरा-नचौरी और भगवानपुर खादर पर कुल 315 किसानों से उपज खरीदने का दावा किया गया है। केंद्र प्रभारियों के फरार होने के बाद अब किसानों से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने की तैयारी है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत गेहूं खरीद में 311 मीट्रिक टन गेहूं के गबन का मामला सामने आने से विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि नियमित निगरानी न होने और विभागीय लापरवाही के चलते समिति के सचिव ने इतना बड़ा खेल किया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
विपणन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कौवापुर क्रय केंद्र पर 39 किसानों से 322.60 मीट्रिक टन, भगवानपुर खादर में 203 किसानों से 1,294.50 मीट्रिक टन और नचौरा-नचौरी क्रय केंद्र पर 73 किसानों से 420.87 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। तीनों केंद्रों से करीब 311 मीट्रिक टन गेहूं के गबन का मामला सामने आया है।
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तीनों केंद्रों के सचिव प्रकाश सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो केंद्र प्रभारी अब भी फरार हैं। ऐसे में जांच टीम अब इन केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों से संपर्क कर उनके अभिलेख और खरीद से संबंधित जानकारी जुटाने की तैयारी में है।
पीसीएफ प्रबंधक अश्वनी शुक्ल ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विभागीय जांच चल रही है।
भगवानपुर खादर क्रय केंद्र पर हुई थी सबसे अधिक खरीद
इस सीजन गेहूं खरीद के लिए पीसीएफ ने 24 क्रय केंद्र बनाए थे। इनमें भगवानपुर खादर क्रय केंद्र पर सबसे अधिक गेहूं की खरीद हुई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, यहां 203 किसानों से 1,294.50 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। वहीं, अन्य केंद्रों पर अधिक किसानों के आने के बावजूद इतनी मात्रा में खरीद नहीं हो सकी।
ऐसे में भगवानपुर खादर क्रय केंद्र पर आढ़तियों से गेहूं खरीद किए जाने की आशंका से भी जांच में इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत गेहूं खरीद में 311 मीट्रिक टन गेहूं के गबन का मामला सामने आने से विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि नियमित निगरानी न होने और विभागीय लापरवाही के चलते समिति के सचिव ने इतना बड़ा खेल किया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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विपणन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कौवापुर क्रय केंद्र पर 39 किसानों से 322.60 मीट्रिक टन, भगवानपुर खादर में 203 किसानों से 1,294.50 मीट्रिक टन और नचौरा-नचौरी क्रय केंद्र पर 73 किसानों से 420.87 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। तीनों केंद्रों से करीब 311 मीट्रिक टन गेहूं के गबन का मामला सामने आया है।
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तीनों केंद्रों के सचिव प्रकाश सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो केंद्र प्रभारी अब भी फरार हैं। ऐसे में जांच टीम अब इन केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों से संपर्क कर उनके अभिलेख और खरीद से संबंधित जानकारी जुटाने की तैयारी में है।
पीसीएफ प्रबंधक अश्वनी शुक्ल ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विभागीय जांच चल रही है।
भगवानपुर खादर क्रय केंद्र पर हुई थी सबसे अधिक खरीद
इस सीजन गेहूं खरीद के लिए पीसीएफ ने 24 क्रय केंद्र बनाए थे। इनमें भगवानपुर खादर क्रय केंद्र पर सबसे अधिक गेहूं की खरीद हुई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, यहां 203 किसानों से 1,294.50 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। वहीं, अन्य केंद्रों पर अधिक किसानों के आने के बावजूद इतनी मात्रा में खरीद नहीं हो सकी।
ऐसे में भगवानपुर खादर क्रय केंद्र पर आढ़तियों से गेहूं खरीद किए जाने की आशंका से भी जांच में इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।