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Balrampur News: पचपेड़वा में तेंदुओं की दहशत
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गैसड़ी। नेपाल सीमा से सटे पचपेड़वा क्षेत्र के भांभर रेंज में तेंदुए के हमले में दो महिलाओं की मौत के बाद वन विभाग तेंदुओं को ट्रैक करने की कोशिश में जुटा है। तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैकिंग कैमरे लगाए गए हैं। पिंजरा भी लगाया गया है, लेकिन रविवार को भी तेंदुओं की कोई गतिविध कैद नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
घटनास्थल और आसपास के जंगल क्षेत्र में ड्रोन कैमरों के जरिये 24 घंटे निगरानी की जा रही है। तेंदुए के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए चार हाई-रिजॉल्यूशन ट्रैकिंग कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे ऐसे स्थानों पर लगाए गए हैं, जहां से तेंदुए के आने-जाने की संभावना सबसे अधिक है। बिशुनपुर कोडर, बेइलिया, परसरामपुर गांव के साथ ही आसपास के गांवों में निगरानी की जा रही है। वन विभाग की ट्रैकिंग टीम लगातार पगचिह्न, खून के निशान व अन्य संकेतों के आधार पर तेंदुए की लोकेशन ट्रेस कर रही है। घटनाओं के बाद वन विभाग और स्थानीय पुलिस ने गश्त भी बढ़ाई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्विक रिस्पॉन्स टीम) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। फिलहाल तेंदुओं को कुछ पता नहीं चल सका है।
ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। गांवों में जाकर मुनादी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अकेले जंगल की ओर न जाने, सुबह-शाम के समय विशेष सावधानी बरतने, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बिना जरूरत बाहर न भेजने की सलाह ग्रामीणों को दी गई है। टीम भी निगरानी कर रही है।
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-योगेश प्रताप सिंह, वन क्षेत्राधिकारी
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घटनास्थल और आसपास के जंगल क्षेत्र में ड्रोन कैमरों के जरिये 24 घंटे निगरानी की जा रही है। तेंदुए के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए चार हाई-रिजॉल्यूशन ट्रैकिंग कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे ऐसे स्थानों पर लगाए गए हैं, जहां से तेंदुए के आने-जाने की संभावना सबसे अधिक है। बिशुनपुर कोडर, बेइलिया, परसरामपुर गांव के साथ ही आसपास के गांवों में निगरानी की जा रही है। वन विभाग की ट्रैकिंग टीम लगातार पगचिह्न, खून के निशान व अन्य संकेतों के आधार पर तेंदुए की लोकेशन ट्रेस कर रही है। घटनाओं के बाद वन विभाग और स्थानीय पुलिस ने गश्त भी बढ़ाई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्विक रिस्पॉन्स टीम) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। फिलहाल तेंदुओं को कुछ पता नहीं चल सका है।
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ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। गांवों में जाकर मुनादी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अकेले जंगल की ओर न जाने, सुबह-शाम के समय विशेष सावधानी बरतने, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बिना जरूरत बाहर न भेजने की सलाह ग्रामीणों को दी गई है। टीम भी निगरानी कर रही है।
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-योगेश प्रताप सिंह, वन क्षेत्राधिकारी