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Balrampur News: भेड़ों के बाड़े में तेंदुए का हमला, 88 की मौत, 13 घायल
Mon, 24 Aug 2026 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 24 Aug 2026 11:10 PM IST
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बलरामपुर में पचपेड़वा में घटना की जानकारी देता पीड़ित ।
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गैसड़ी। नगर पंचायत गैसड़ी के वार्ड संख्या 10 खदगौरा में रविवार रात तेंदुए के बाड़े में घुसने से 200 भेड़ों के झुंड में भगदड़ मच गई, जिससे 88 भेड़ों की मौत हो गई। 13 भेड़ गंभीर रूप से घायल हैं। सुबह बाड़े में बड़ी संख्या में भेड़ों के शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। एसडीएम हेमंत गुप्ता और पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और तेंदुए की मौजूदगी के साक्ष्य जुटाए।
खदगौरा निवासी कन्हैयालाल पाल और विजय पाल ने बताया कि रविवार की रात करीब 200 भेड़ें चारदीवारी से घिरे बाड़े में थीं। रात में किसी समय तेंदुआ बाड़े में घुस आया। तेंदुए को देखकर भेड़ों में भगदड़ मच गई। बचने के प्रयास में कई भेड़ें एक-दूसरे के ऊपर गिरती चली गईं। इस दौरान तेंदुए ने भी कुछ भेड़ों पर हमला किया। सोमवार सुबह जब परिवार के लोग बाड़े में पहुंचे तो वहां 88 भेड़ें मृत पड़ी थीं, जबकि 13 घायल मिलीं।
घटना के बाद खदगौरा सहित आसपास के इलाके में तेंदुए को लेकर दहशत फैल गई है। आबादी के बीच तेंदुए के पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि रात में तेंदुए की गतिविधि होने से घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए की तलाश कर उसे पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की है।
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एक रात में उजड़ गया परिवार का सहारा
-- कन्हैयालाल पाल और विजय पाल ने बताया कि भेड़ पालन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने कहा कि एक ही रात में उनकी मेहनत और परिवार की रोजी-रोटी का बड़ा सहारा खत्म हो गया। प्रशासन से मृत भेड़ों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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पुलिस और वन विभाग की टीम ने शुरू की जांच
-- घटना की सूचना पीड़ित परिवार ने कोतवाली गैसड़ी की पुलिस और विकास खंड गैसड़ी के पशु चिकित्सा विभाग को लिखित रूप से दी। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार पांडेय ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। पुलिस टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी रामपुर रेंज भोला प्रसाद ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक संख्या में भेड़ों की मौत तेंदुए के हमले के साथ ही उसके डर से मची भगदड़ के कारण हुई है। टीम मौके पर स्थिति का जायजा ले रही है।
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खदगौरा निवासी कन्हैयालाल पाल और विजय पाल ने बताया कि रविवार की रात करीब 200 भेड़ें चारदीवारी से घिरे बाड़े में थीं। रात में किसी समय तेंदुआ बाड़े में घुस आया। तेंदुए को देखकर भेड़ों में भगदड़ मच गई। बचने के प्रयास में कई भेड़ें एक-दूसरे के ऊपर गिरती चली गईं। इस दौरान तेंदुए ने भी कुछ भेड़ों पर हमला किया। सोमवार सुबह जब परिवार के लोग बाड़े में पहुंचे तो वहां 88 भेड़ें मृत पड़ी थीं, जबकि 13 घायल मिलीं।
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घटना के बाद खदगौरा सहित आसपास के इलाके में तेंदुए को लेकर दहशत फैल गई है। आबादी के बीच तेंदुए के पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि रात में तेंदुए की गतिविधि होने से घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए की तलाश कर उसे पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की है।
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एक रात में उजड़ गया परिवार का सहारा
पुलिस और वन विभाग की टीम ने शुरू की जांच

बलरामपुर में पचपेड़वा में घटना की जानकारी देता पीड़ित ।

बलरामपुर में पचपेड़वा में घटना की जानकारी देता पीड़ित ।