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Balrampur News: ट्रेन में सफर के दौरान बिगड़ी तबीयत, महिला की मौत
Sun, 30 Aug 2026 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:27 PM IST
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बलरामपुर के नेवलगढ़ में मृतका के घर जुटी लोगों की भीड़
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जरवा। क्षेत्र के ग्राम नेवलगढ़ निवासी 27 वर्षीय नीतू थारू की ट्रेन में यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह अपने पति और भाई के साथ मुंबई से घर लौट रही थी। पोस्टमार्टम के बाद शव नेवलगढ़ लाया जाएगा।
नेवलगढ़ निवासी राम नरेश ने बताया कि वह अपनी पत्नी नीतू और भाई हरिशंकर के साथ मुंबई-लखनऊ एक्सप्रेस के कोच एस-3 की सीट संख्या 67 पर यात्रा कर रहे थे। 29 अगस्त को मुंबई से घर के लिए निकले थे। कासगंज और फर्रुखाबाद के बीच अचानक नीतू की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। ट्रेन के फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुकने पर भाई हरिशंकर ने आरपीएफ को सूचना देकर मदद मांगी। आरपीएफ सिपाही सुनील कुमार के सहयोग से परिजन नीतू को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सक डॉ. ऋषिकांत वर्मा ने जांच के बाद नीतू को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मृतका के जेठ प्रेमलाल ने बताया कि रामनरेश पिछले दो वर्षों से पत्नी नीतू के साथ मुंबई में रहकर सिलाई का काम करते थे। दोनों की शादी करीब आठ वर्ष पहले हुई थी। उनकी कोई संतान नहीं थी। नीतू की मां गंगा जमुनी निवासी जोगिहवा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी। उस समय टिकट नहीं मिलने के कारण वह घर नहीं आ सकी थी। 29 अगस्त को टिकट मिलने के बाद वह पति और भाई के साथ घर के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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नेवलगढ़ निवासी राम नरेश ने बताया कि वह अपनी पत्नी नीतू और भाई हरिशंकर के साथ मुंबई-लखनऊ एक्सप्रेस के कोच एस-3 की सीट संख्या 67 पर यात्रा कर रहे थे। 29 अगस्त को मुंबई से घर के लिए निकले थे। कासगंज और फर्रुखाबाद के बीच अचानक नीतू की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। ट्रेन के फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुकने पर भाई हरिशंकर ने आरपीएफ को सूचना देकर मदद मांगी। आरपीएफ सिपाही सुनील कुमार के सहयोग से परिजन नीतू को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सक डॉ. ऋषिकांत वर्मा ने जांच के बाद नीतू को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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मृतका के जेठ प्रेमलाल ने बताया कि रामनरेश पिछले दो वर्षों से पत्नी नीतू के साथ मुंबई में रहकर सिलाई का काम करते थे। दोनों की शादी करीब आठ वर्ष पहले हुई थी। उनकी कोई संतान नहीं थी। नीतू की मां गंगा जमुनी निवासी जोगिहवा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी। उस समय टिकट नहीं मिलने के कारण वह घर नहीं आ सकी थी। 29 अगस्त को टिकट मिलने के बाद वह पति और भाई के साथ घर के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

बलरामपुर के नेवलगढ़ में मृतका के घर जुटी लोगों की भीड़
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