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Balrampur News: तेंदुए के हमले से दो घायल, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Sun, 25 Jun 2023 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 25 Jun 2023 11:14 PM IST
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बलरामपुर के ग्राम पंचायत हलौरा के पास वनकर्मी व एसएसबी जवानों के साथ खड़े ग्रामीण।
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बलरामपुर। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग में तुलसीपुर रेंज के आधा दर्जन गांवों में तेंदुए का आतंक बढ़ गया है। तुलसीपुर रेंज के हलौरा गांव में रविवार को तेंदुए के हमले से दो लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर गांव पहुंचे रेंजर व वनकर्मियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। रेंजर की सूचना पर पहुंचे जरवा कोतवाल दुर्विजय नाथ ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। वन विभाग, पुलिस व एसएसबी की टीम तेंदुए को पकड़ने में जुट गई है।
हलौरा निवासी कलाम (52) रविवार सुबह करीब 10 बजे फसल में खाद डालने के लिए अपने खेत गए थे। खेत में पहले से ही घात लगाए बैठे तेंदुए ने उनपर हमला बोल दिया। उन्होंने भागना चाहा लेकिन तेंदुआ बार-बार उनपर हमला करता रहा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। कलाम के शोर मचाने पर गांव वाले हाका लगाते हुए खेत में पहुंचे तो तेंदुए ने वृद्ध मोहम्मद रफीक पर भी हमला बोल दिया। हमले में वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की भीड़ देखकर तेंदुआ वहां से भाग निकला। परिजनों ने दोनों घायलों को इलाज के लिए तत्काल सीएचसी तुलसीपुर पहुंचाया। कलाम को 12 टांके लगे हैं और रफीक के चेहरे पर चोट लगी है।
तेंदुए के हमले की सूचना पाकर रेंजर अमरजीत प्रसाद वन दरोगा शशिकांत एक अन्य वनकर्मी के साथ गांव में पहुंचे। इनके पास तेंदुआ पकड़ने के लिए कोई सामान न होने पर ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। रेंजर ने मामला बढ़ता देख जरवा कोतवाली व एसएसबी कोयलाबास चौकी में सूचना दी। कोतवाल दुर्विजय नाथ ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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ग्रामीणों का कहना था कि तेंदुआ अपने तीन शावकों के साथ नव्वाब व अब्दुल कलाम के खेत में अक्सर देखा जाता है। इसकी सूचना कई बार वन विभाग को दी गई लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। तेंदुए के आतंक से हलौरा सहित संग्रामपुर, बदलपुर, प्रेमपुर, पुरैना, दुर्गापुर व परसहिया गांव में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण डर के मारे रात में घर से बाहर नहीं निकलते हैं।
रेंजर अमरजीत ने बताया कि तेंदुए के हमले की सूचना मिलते ही हम लोग गांव में पहुंच गए। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग, पुलिस व एसएसबी की टीम जुट गई है। गांव में पिंजरा लगाया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अपने खेत में अकेले नहीं जाने का सुझाव दिया गया है।
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हलौरा निवासी कलाम (52) रविवार सुबह करीब 10 बजे फसल में खाद डालने के लिए अपने खेत गए थे। खेत में पहले से ही घात लगाए बैठे तेंदुए ने उनपर हमला बोल दिया। उन्होंने भागना चाहा लेकिन तेंदुआ बार-बार उनपर हमला करता रहा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। कलाम के शोर मचाने पर गांव वाले हाका लगाते हुए खेत में पहुंचे तो तेंदुए ने वृद्ध मोहम्मद रफीक पर भी हमला बोल दिया। हमले में वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की भीड़ देखकर तेंदुआ वहां से भाग निकला। परिजनों ने दोनों घायलों को इलाज के लिए तत्काल सीएचसी तुलसीपुर पहुंचाया। कलाम को 12 टांके लगे हैं और रफीक के चेहरे पर चोट लगी है।
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तेंदुए के हमले की सूचना पाकर रेंजर अमरजीत प्रसाद वन दरोगा शशिकांत एक अन्य वनकर्मी के साथ गांव में पहुंचे। इनके पास तेंदुआ पकड़ने के लिए कोई सामान न होने पर ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। रेंजर ने मामला बढ़ता देख जरवा कोतवाली व एसएसबी कोयलाबास चौकी में सूचना दी। कोतवाल दुर्विजय नाथ ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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ग्रामीणों का कहना था कि तेंदुआ अपने तीन शावकों के साथ नव्वाब व अब्दुल कलाम के खेत में अक्सर देखा जाता है। इसकी सूचना कई बार वन विभाग को दी गई लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। तेंदुए के आतंक से हलौरा सहित संग्रामपुर, बदलपुर, प्रेमपुर, पुरैना, दुर्गापुर व परसहिया गांव में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण डर के मारे रात में घर से बाहर नहीं निकलते हैं।
रेंजर अमरजीत ने बताया कि तेंदुए के हमले की सूचना मिलते ही हम लोग गांव में पहुंच गए। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग, पुलिस व एसएसबी की टीम जुट गई है। गांव में पिंजरा लगाया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अपने खेत में अकेले नहीं जाने का सुझाव दिया गया है।