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Balrampur News: तीन साल में ही 31 हजार महिलाएं तीन हजार करोड़ की बनीं मालकिन
Fri, 06 Oct 2023 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 06 Oct 2023 12:07 AM IST
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बलरामपुर के तुलसीपुर रजिस्ट्री कार्यालय में भूमि का बैनामा कराती महिला सिंधु देवी।
बलरामपुर। नारी शक्ति वंदन विधेयक की अधिसूचना जारी होने के बाद महिलाएं तरक्की की ओर कदम बढ़ाने के लिए भले ही उत्साह में हैं। लेकिन विधेयक से पहले ही उनका दबदबा समाज में बढ़ा है। संपत्तियों के बैनामे में छूट मिलने से महिलाओं के नाम पर ही जमीनों और मकानों का बैनामा हो रहा है। तीन साल के आंकड़ों पर गौर करें तो 31 हजार से अधिक महिलाओं के नाम तीन हजार करोड़ से अधिक की संपत्तियों का बैनामा अब तक हो चुका है।
पुरुष प्रधान समाज की सोच धीरे-धीरे बदल रही है। हाल के दिनों में आए कई कानूनों के बाद महिलाएं संपत्ति की मालकिन बन रही हैं। निबंधन कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के नाम से संपत्ति की रजिस्ट्री कराने का रुझान बढ़ा है। बीते वित्तीय वर्ष के आंकड़े को देखा जाए तो पिछले दो वर्षों की अपेक्षा इस वित्तीय वर्ष महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री का औसत 35 फीसदी से अधिक बढ़ा है। इसका प्रमुख कारण कर बचाना है। ऐसा इसलिए क्योंकि रजिस्ट्री कराने में महिलाओं को एक फीसदी या अधिकतम 10 हजार रुपये की छूट मिलती है।
सदर व तुलसीपुर में बैनामा की होड़
जिले के तीन तहसीलों में जमीनों के बैनामे रजिस्ट्री दफ्तरों में होते हैं। इस समय सदर के साथ ही तुलसीपुर तहसील में महिलाओं के नाम जमीन बैनामा कराने की होड़ मची है। सदर तहसील के रजिस्ट्री दफ्तर के आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2021 में 3,697 महिलाओं, 2022 में 4,131 और इस साल अब तक 2,975 महिलाओं के नाम बैनामा हो चुका है। सदर में 10 हजार 803 महिलाएं तीन सालों में संपत्तियों की मालकिन बन चुकी हैं।
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इसके साथ ही तुलसीपुर में साल 2021 में सदर से अधिक 3,970, 2022 में भी 4,689 और इस साल सदर से अधिक 3,228 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री हो चुकी है। तुलसीपुर में अब तक 11 हजार 887 महिलाएं मालकिन बन चुकी हैं। वहीं उतरौला में भी 9,113 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री की जा चुकी है। पूरे जिलें में 31,801 महिलाएं संपत्तियों की मालकिन हो चुकी हैं। एक अनुमान के अनुसार किसी की संपत्ति दस लाख से कम नहीं है। इससे तीन हजार करोड़ से अधिक की संपत्तियां महिलाओं के नाम हो चुकी हैं।
कर में छूट का मिल रहा लाभ
महिलाओं के नाम बैनामे में सरकार की ओर से एक फीसदी छूट देने की व्यवस्था है। इसके चलते महिलाओं के नाम रजिस्ट्री हो रही है। बैनामा के बाद जमीन या मकान महिलाओं के नाम ही अभिलेखों में दर्ज हो जाता है। मालिकाना हक महिलाओं का बढ़ रहा है।
- सुरेश चंद्र मौर्य, उप निबंधक रजिस्ट्री एवं पंजीयन, तुलसीपुर
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पुरुष प्रधान समाज की सोच धीरे-धीरे बदल रही है। हाल के दिनों में आए कई कानूनों के बाद महिलाएं संपत्ति की मालकिन बन रही हैं। निबंधन कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के नाम से संपत्ति की रजिस्ट्री कराने का रुझान बढ़ा है। बीते वित्तीय वर्ष के आंकड़े को देखा जाए तो पिछले दो वर्षों की अपेक्षा इस वित्तीय वर्ष महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री का औसत 35 फीसदी से अधिक बढ़ा है। इसका प्रमुख कारण कर बचाना है। ऐसा इसलिए क्योंकि रजिस्ट्री कराने में महिलाओं को एक फीसदी या अधिकतम 10 हजार रुपये की छूट मिलती है।
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सदर व तुलसीपुर में बैनामा की होड़
जिले के तीन तहसीलों में जमीनों के बैनामे रजिस्ट्री दफ्तरों में होते हैं। इस समय सदर के साथ ही तुलसीपुर तहसील में महिलाओं के नाम जमीन बैनामा कराने की होड़ मची है। सदर तहसील के रजिस्ट्री दफ्तर के आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2021 में 3,697 महिलाओं, 2022 में 4,131 और इस साल अब तक 2,975 महिलाओं के नाम बैनामा हो चुका है। सदर में 10 हजार 803 महिलाएं तीन सालों में संपत्तियों की मालकिन बन चुकी हैं।
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इसके साथ ही तुलसीपुर में साल 2021 में सदर से अधिक 3,970, 2022 में भी 4,689 और इस साल सदर से अधिक 3,228 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री हो चुकी है। तुलसीपुर में अब तक 11 हजार 887 महिलाएं मालकिन बन चुकी हैं। वहीं उतरौला में भी 9,113 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री की जा चुकी है। पूरे जिलें में 31,801 महिलाएं संपत्तियों की मालकिन हो चुकी हैं। एक अनुमान के अनुसार किसी की संपत्ति दस लाख से कम नहीं है। इससे तीन हजार करोड़ से अधिक की संपत्तियां महिलाओं के नाम हो चुकी हैं।
कर में छूट का मिल रहा लाभ
महिलाओं के नाम बैनामे में सरकार की ओर से एक फीसदी छूट देने की व्यवस्था है। इसके चलते महिलाओं के नाम रजिस्ट्री हो रही है। बैनामा के बाद जमीन या मकान महिलाओं के नाम ही अभिलेखों में दर्ज हो जाता है। मालिकाना हक महिलाओं का बढ़ रहा है।
- सुरेश चंद्र मौर्य, उप निबंधक रजिस्ट्री एवं पंजीयन, तुलसीपुर