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Balrampur News: मेरे सपनों का भारत में छात्राओं ने रंगों से सजाई विकसित राष्ट्र की तस्वीर
Tue, 22 Sep 2026 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:23 PM IST
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फोटो-24-बलरामपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय रमवापुर कला में पोस्टर दिखाती छात्राएं ।-स्रोत : विभ
उतरौला। उच्च प्राथमिक विद्यालय रमवापुर कला में मंगलवार को ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रंगों व कल्पनाओं के माध्यम से भारत के भविष्य की तस्वीर कागज पर उकेरी। छात्राओं ने अपने चित्रों में वर्तमान भारत से लेकर अगले 100 वर्षों के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार किया।
प्रतियोगिता में किसी छात्रा ने आत्मनिर्भर भारत को विषय बनाया तो किसी ने स्वच्छ एवं हरित भारत की कल्पना को चित्रों में स्थान दिया। कई चित्रों में डिजिटल तकनीक, आधुनिक विज्ञान और देश की प्रगति को दर्शाया गया। वहीं, कुछ छात्राओं ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैज्ञानिक उपलब्धियों को भविष्य की संभावनाओं से जोड़ते हुए आकर्षक चित्र बनाए।
प्रतियोगिता के बाद निर्णायक मंडल ने छात्राओं के चित्रों का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया। इसमें ज्योति ने प्रथम, सुधा ने द्वितीय और संध्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
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विद्यालय के प्रधानाध्यापक रवि कांत चौधरी ने विजेता छात्राओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपनों का भारत ही विकसित भारत की नींव बनेगा। जब बच्चे अपने विचारों और कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उतारते हैं तो उनकी रचनात्मक क्षमता के साथ देश और समाज के प्रति उनकी सोच भी सामने आती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, कल्पनाशीलता और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होती हैं।
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प्रतियोगिता में किसी छात्रा ने आत्मनिर्भर भारत को विषय बनाया तो किसी ने स्वच्छ एवं हरित भारत की कल्पना को चित्रों में स्थान दिया। कई चित्रों में डिजिटल तकनीक, आधुनिक विज्ञान और देश की प्रगति को दर्शाया गया। वहीं, कुछ छात्राओं ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैज्ञानिक उपलब्धियों को भविष्य की संभावनाओं से जोड़ते हुए आकर्षक चित्र बनाए।
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प्रतियोगिता के बाद निर्णायक मंडल ने छात्राओं के चित्रों का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया। इसमें ज्योति ने प्रथम, सुधा ने द्वितीय और संध्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
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विद्यालय के प्रधानाध्यापक रवि कांत चौधरी ने विजेता छात्राओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपनों का भारत ही विकसित भारत की नींव बनेगा। जब बच्चे अपने विचारों और कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उतारते हैं तो उनकी रचनात्मक क्षमता के साथ देश और समाज के प्रति उनकी सोच भी सामने आती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, कल्पनाशीलता और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होती हैं।