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Balrampur News: सच्चाई की राह में इमाम हुसैन ने साथियों के साथ दी थी शहादत

Thu, 27 Jul 2023 10:26 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jul 2023 10:26 PM IST
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Imam Hussain gave martyrdom along with his companions in the path of truth.
बलरामपुर। सच्चाई की राह में इमाम हुसैन ने साथियों के साथ शहादत दी थी। हजरत इमाम हुसैन की शहादत हमें जुल्म के खिलाफ लड़ाई एवं हक के रास्ते पर चलने की सीख देती है।
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यह बातें बुधवार की देर रात मोहर्रम की सातवीं तारीख को नगर के मोहल्ला बलुहा स्थित मदरसा दारुल उलूम इमाम-ए-आजम लिलबनात में आयोजित प्रोग्राम को संबोधित करते हुए शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने कहीं। उन्होंने कहा कि यजीद की फौज ने हजरत इमाम हुसैन पर दबाव बनाया कि वह उसकी बात मान लें। इमाम हुसैन ने जब यजीद की शर्तें नहीं मानीं तो उसने सातवीं मोहर्रम को नहर पर फौज का पहरा लगा दिया।
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दुश्मनों ने सोचा कि हजरत इमाम हुसैन प्यास से टूट जाएंगे और हमारी शर्तें मान लेंगे। जब हजरत इमाम हुसैन तीन दिन तक प्यासे रहने के बाद भी यजीद की बात नहीं माने तो दुश्मनों ने हजरत इमाम हुसैन के खेमे पर हमला बोल दिया। मोहर्रम की दसवीं तारीख को हजरत इमाम हुसैन को नमाज पढ़ते हुए सजदे की हालत में शहीद कर दिया गया।
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कारी मोहम्मद नईम ने कहा कि जब तक कर्बला का मैदान दुनिया में रहेगा, तब तक गवाही देता रहेगा कि हजरत इमाम हुसैन ने जान दे दी, लेकिन जालिम बादशाह की गुलामी को कुबूल नहीं किया। कारी इकरार और मौलाना कासिम अख्तर ने कहा कि मोहर्रम महीने का चांद दिखते ही कर्बला का वाकया याद आने लगता है। इंसानियत और सच्चाई की रक्षा करते हुए हजरत इमाम हुसैन अपने साथियों के साथ शहीद हो गए थे।


देर रात निकला दुलदुल का जुलूस
मोहर्रम की सातवीं तारीख की देर रात नगर में दुलदुल का जुलूस निकाला गया। कर्बला के मैदान में जंग के दौरान हजरत इमाम हुसैन के चहेते दुलदुल (घोड़ा) ने भी अपनी शहादत दी थी। नगर के मोहल्ला बलुहा, झंझरा व गदुरहवा से दुलदुल के प्रतीक रूप में शामिल घोड़े के साथ सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंद या हुसैन या हुसैन...का नारा बुलंद कर रहे थे।
दुलदुल का जुलूस नगर के मोहल्ला पुरैनिया तालाब, नगर पालिका, सराय फाटक, यतीमखाना, नहर बालागंज, अलीजानपुरवा होते हुए पुरैनिया तालाब पहुंचकर समाप्त हुआ। दुलदुल को अकीदतमंदों ने चना, खीर और जलेबी खिला कर स्वागत किया। इसी तरह पेहर बाजार में भी सातवीं मोहर्रम को अलम का जलूस निकाला गया।

जुलूस पेहर स्थित मस्जिद से निकलकर विभिन्न रास्तों से होता हुआ खजुहा कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में सईद खान, शब्बू खान, कल्लू खान, शकील शेख, रिजवान व अन्नू आदि शामिल रहे। जुलूस में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौकी प्रभारी शमशाद अली, योगेश्वर यादव व अजीत यादव आदि मौजूद रहे।
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