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Balrampur News: बालिकाओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर, बढ़ाया आत्मविश्वास
Tue, 25 Aug 2026 10:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:54 PM IST
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बलरामपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नगर में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बालिकाओं को विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के साथ ही सतर्क, जागरूक और आत्मविश्वासी रहने के तरीके बताए गए।
मार्शल आर्ट प्रशिक्षक नागेंद्र गिरी ने बालिकाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि किसी असुरक्षित परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम लेना चाहिए। बालिकाओं को आसपास के वातावरण पर नजर रखने, संभावित खतरे को समय रहते पहचानने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता लेने के लिए भी जागरूक किया। प्रशिक्षक ने बताया कि आत्मरक्षा का उद्देश्य केवल शारीरिक तकनीक सीखना नहीं है, बल्कि बालिकाओं में साहस, आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी है। बालिकाओं ने उत्साह के साथ प्रशिक्षण में हिस्सा लिया और विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव यशपाल वर्मा ने बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि हिंसा, उत्पीड़न या किसी असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर चुप नहीं रहना चाहिए। अभिभावक, शिक्षक या संबंधित अधिकारियों को तत्काल जानकारी देना जरूरी है।
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मार्शल आर्ट प्रशिक्षक नागेंद्र गिरी ने बालिकाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि किसी असुरक्षित परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, सूझबूझ और आत्मविश्वास से काम लेना चाहिए। बालिकाओं को आसपास के वातावरण पर नजर रखने, संभावित खतरे को समय रहते पहचानने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता लेने के लिए भी जागरूक किया। प्रशिक्षक ने बताया कि आत्मरक्षा का उद्देश्य केवल शारीरिक तकनीक सीखना नहीं है, बल्कि बालिकाओं में साहस, आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी है। बालिकाओं ने उत्साह के साथ प्रशिक्षण में हिस्सा लिया और विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया।
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इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव यशपाल वर्मा ने बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि हिंसा, उत्पीड़न या किसी असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर चुप नहीं रहना चाहिए। अभिभावक, शिक्षक या संबंधित अधिकारियों को तत्काल जानकारी देना जरूरी है।
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