फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Game in FIR to save fake teachers

Balrampur News: फर्जी शिक्षकों को बचाने के लिए एफआईआर में खेल

Thu, 24 Aug 2023 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Thu, 24 Aug 2023 11:45 PM IST
विज्ञापन
Game in FIR to save fake teachers
बलरामपुर। फर्जी शिक्षकों को बचाने के लिए अफसरों ने एफआईआर दर्ज कराने में भी खेल कर दिया। दूसरों के अभिलेख पर नौकरी हासिल करने वालों की पहचान किए बिना ही उन्हीं लोगों के नाम एफआईआर दर्ज हो गई, जिनके नाम पर फर्जी लोगों ने नौकरी हथियाई थी। अब यही पेंच वेतन रिकवरी में आड़े आ रहा है। फर्जीवाड़ा करने वालों तक न तो पुलिस के हाथ पहुंच रहे हैं और न ही विभाग के पास उनकी कोई जानकारी ही है। जिस नामों से नियुक्ति हुई, उन्हीं तक विभाग सीमित रहा और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ाया जा रहा है। वहीं बलरामपुर व गोंडा जिले के चार शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज ही एसटीएफ को नहीं मिल रहे हैं। जिससे जांच नहीं हो पा रही है, इस पर खफा एसटीएफ ने दोनों जिलों के बीएसए को कड़ा पत्र लिखा है।
विज्ञापन

शिक्षकों की भर्ती में हुए खेल का खुलासा मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन होने पर हुआ। आधार और पैन कार्ड वेतन के खातों से लिंक कराने पर एक ही अभिलेख पर दो-दो शिक्षकों की नियुक्तियों के मामले उजागर हुए। ऐसे में फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त कर केस दर्ज कराने व वेतन की वसूली का आदेश हुआ। देवीपाटन मंडल के अंदर बलरामपुर जिले में सबसे अधिक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया और 121 शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई। साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई गई, लेकिन एफआईआर गलत नामों पर हो गया। बीते दिनों फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने वाले प्रधानाध्यापक आनंद तिवारी शतेंद्र प्रताप, विजय प्रकाश सिंह, कल्बे हसन व देशराज सिंह के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई। इन नामों से नौकरी करने वाले फर्जी लोग जांच शुरू होते ही फरार हो गए। विभागीय लापरवाही के चलते अब फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी व वेतन रिकवरी विभाग के लिए चुनौती बन गई है
विज्ञापन

एसटीएफ की निगरानी से खलबली
जिले में दो शिक्षक ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति से जुड़े अभिलेख ही एसटीएफ को नहीं भेजे गए हैं। एसटीएफ की नाराजगी के बाद स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने शिक्षकों के दस्तावेज एवं नियुक्ति प्रपत्र की सत्यापित कापी विशेष संदेशवाहक के साथ लखनऊ स्थित एसटीएफ अधीक्षक कार्यालय में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। वहीं अब कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं, अब तक दूसरे के अभिलेख पर नौकरी करने वालों की पहचान ही नहीं हो सकी है। रिकवरी का आगणन ही पूरा नहीं बन सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


माध्यमिक स्कूलों में भी हो चुका है फर्जीवाड़े का खुलासा
जिले के माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में भी फर्जी तरीके से नियुक्ति हासिल किए जाने का मामला सामने आ चुका है। जिसमें बसंतलाल इंटर कॉलेज में शिक्षा चयन आयोग के फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले गाजीपुर जिला निवासी चंद्रशेखर सिंह और सारनाथ जिला वाराणसी निवासी सुनील कुमार दिसंबर 2021 में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे थे। दोनों के अंक पत्र और प्रमाणपत्रों की जांच करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर दोनों को जॉइन करा दिया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर जिला विद्यालय कार्यालय द्वारा आयोग से नियुक्तियों का मिलान करने पर शिक्षक फर्जी मिले। जिस पर बसंतलाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार पांडेय ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। तुलसीपुर बलरामपुर मार्ग पर स्थित एक ढाबे से पुलिस ने दोनों गिरफ्तार किया था।

जिन शिक्षकों के दस्तावेज जाने हैं, उसकी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी से मांगी गई है। वहां से आने से पर पेपर एसटीएफ को भेज दिए जाएंगे। फर्जीवाड़े में शामिल जिन शिक्षकों को वेतन मिला है उसका आगणन कराया जा रहा है। जल्द ही रिकवरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

- कल्पना देवी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बने लोगों की जांच की गई है। इसमें सहयोग करने का सभी बीएसए को निर्देश दिया गया है। वेतन रिकवरी की रिपोर्ट लेकर आगे कार्रवाई की जाएगी।

- राम सागर पति त्रिपाठी, सहायक शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed