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Balrampur News: महरी गांव के पास तटबंध में गैप से टूटता है बाढ़ का कहर

Mon, 17 Mar 2025 10:58 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Mar 2025 10:58 PM IST
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Flood wreaks havoc due to the gap in the embankment near Mahri village
बलरामपुर के महरी गांव के पास भरा बाढ़ का पानी।-फाइल फोटो
बलरामपुर। महरी गांव के पास तटबंध में 2.4 मीटर गैप होने से बाढ़ का कहर टूटता है। राप्ती नदी के किनारे बसे 20 गांवों की 20 हजार आबादी हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होती है। यदि बरसात से पहले तटबंध की मरम्मत नहीं कराई तो ग्रामीणों को बाढ़ का संकट झेलना पड़ेगा। ग्रामीणों ने तटबंध की मरम्मत कराने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
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महरी निवासी धमेंद्र कुमार बताते हैं कि तुलसीपुर तहसील में स्थित 20 गांवों को राप्ती नदी की बाढ़ से बचाने के लिए भोजपुर-शाहपुर तटबंध का निर्माण कराया गया था। तटबंध सिद्धार्थनगर जनपद तक राप्ती नदी के किनारे बसे गांवों की बाढ़ से सुरक्षा करता है। महरी गांव के पास तटबंध में करीब 2.4 मीटर का गैप होने से थरूनिया, कठेर, देवलहा, गोपालपुर, वीरपुर, जुड़ी कुइंया, पिपरा, भगोसर, शेखा, नरायनपुर, मझारी, नौबस्ता, महरी, हैदरगंज, वजीरगंज व गैंजहवा सहित 20 से अधिक गांवों पर हर वर्ष राप्ती नदी की बाढ़ का कहर टूटता है।
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गैंजहवा निवासी अशोक कुमार बताते हैं कि राप्ती नदी की कटान से क्षेत्र के 20 से अधिक किसानों की जमीनें बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों की 100 बीघे से अधिक जमीन राप्ती नदी काट चुकी है। खेत में बालू होने से फसलों की पैदावार प्रभावित हो गई है। बरसात से पहले तटबंध का गैप भरने के साथ कटानरोधी कार्य भी कराया जाना जरूरी है। यदि बरसात से पहले गैप भरने के साथ कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो 20 गांवों पर राप्ती नदी के बाढ़ व कटान का कहर फिर टूटेगा। (संवाद)
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किसानों को सता रही चिंता
महरी गांव के पास राप्ती नदी के कटान से किसानों को चिंता सता रही है। तारबाबू उपाध्याय बताते हैं कि उनकी 10 बीघे जमीन राप्ती नदी काट चुकी है। केशवराम का 10 बीघे, वासुदेव का पांच बीघे, अशोक कुमार का 10 बीघे, राम अभिलाख का पांच बीघे, चैतराम का आठ बीघे, बजरंगी का नौ बीघे व रामदेव का पांच बीघे खेत राप्ती नदी में समा चुका है। किसानों का कहना है कि उन्हें अभी तक मुआवजा भी नहीं मिला है।

जल्द कराया जाएगा कार्य
महरी गांव के पास तटबंध में गैप भरने के साथ कटानरोधी कार्य कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्द बजट मिलने की उम्मीद है। बजट मिलने पर तटबंध में गैप भरने के साथ कटानरोधी कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-संजय कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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