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नाबालिग से छेड़छाड़ करने के आरोपी को पांच वर्ष की कैद
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बलरामपुर। नाबालिग से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को विशेष सत्र न्यायाधीश पास्को ने पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 13 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि थाना पचपेड़वा में 11 जुलाई 2017 को एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वह खेत में काम करने गया था।
घर में अकेला पाकर ग्राम कोल्हुई निवासी पन्ना ने घुसकर नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की तथा जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। पुलिस ने दलित उत्पीड़न, लैंगिग अपराध संरक्षण अधिनियम व छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर पन्ना को जेल भेज दिया।
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विवेचक ने प्रथम दृष्टया पन्ना को दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर विशेष सत्र न्यायाधीश पास्को महेंद्र नाथ ने पन्ना को दहेज उत्पीड़न, लैंगिग अपराध संरक्षण अधिनियम व छेड़छाड़ करने का दोषी मानते हुए पन्ना को पांच वर्ष के कारावास व 13 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने अर्थदंड की सभी धनराशि पीड़ितों को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि थाना पचपेड़वा में 11 जुलाई 2017 को एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वह खेत में काम करने गया था।
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घर में अकेला पाकर ग्राम कोल्हुई निवासी पन्ना ने घुसकर नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ की तथा जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। पुलिस ने दलित उत्पीड़न, लैंगिग अपराध संरक्षण अधिनियम व छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर पन्ना को जेल भेज दिया।
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विवेचक ने प्रथम दृष्टया पन्ना को दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर विशेष सत्र न्यायाधीश पास्को महेंद्र नाथ ने पन्ना को दहेज उत्पीड़न, लैंगिग अपराध संरक्षण अधिनियम व छेड़छाड़ करने का दोषी मानते हुए पन्ना को पांच वर्ष के कारावास व 13 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने अर्थदंड की सभी धनराशि पीड़ितों को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया।