{"_id":"6a5a69a00080d0122303f6cb","slug":"fish-seed-production-will-increase-through-private-hatcheries-youth-will-get-employment-balrampur-news-c-99-1-slko1019-151777-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: निजी हैचरी से बढ़ेगा मत्स्य बीज उत्पादन, युवाओं को मिलेगा रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: निजी हैचरी से बढ़ेगा मत्स्य बीज उत्पादन, युवाओं को मिलेगा रोजगार
Fri, 17 Jul 2026 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:12 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र में हैचरी स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन की योजना के तहत निजी हैचरी स्थापित करने वाले लाभार्थियों को पूंजीगत अनुदान के साथ बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाएगा। इससे गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
मत्स्य निदेशक दीपांशु ने बताया कि हैचरी में मछलियों का कृत्रिम प्रजनन कर प्राई और फिंगरलिंग स्तर के गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज तैयार किए जाते हैं। इन बीजों का उपयोग तालाबों और अन्य जलाशयों में मत्स्य पालन के लिए किया जाता है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत स्वीकृत परियोजना लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत, यानी 25 लाख रुपये तक पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा बैंक ऋण पर अधिकतम तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान सात वर्षों तक उपलब्ध कराया जाएगा। अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
विज्ञापन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना और उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है। मत्स्य पालन में रुचि रखने वाले लोग इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
हैचरी स्थापना के लिए जल स्रोत की उपलब्धता, बाढ़ से सुरक्षित स्थान, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, सड़क संपर्क और निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन आवश्यक होगा। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, फोटो, भूमि संबंधी दस्तावेज, परियोजना रिपोर्ट और बैंक पासबुक सहित आवश्यक अभिलेख जमा करने होंगे। इच्छुक लोग सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय, बलरामपुर में आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
मत्स्य निदेशक दीपांशु ने बताया कि हैचरी में मछलियों का कृत्रिम प्रजनन कर प्राई और फिंगरलिंग स्तर के गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज तैयार किए जाते हैं। इन बीजों का उपयोग तालाबों और अन्य जलाशयों में मत्स्य पालन के लिए किया जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि योजना के तहत स्वीकृत परियोजना लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत, यानी 25 लाख रुपये तक पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा बैंक ऋण पर अधिकतम तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान सात वर्षों तक उपलब्ध कराया जाएगा। अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
विज्ञापन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना और उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है। मत्स्य पालन में रुचि रखने वाले लोग इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
हैचरी स्थापना के लिए जल स्रोत की उपलब्धता, बाढ़ से सुरक्षित स्थान, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, सड़क संपर्क और निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन आवश्यक होगा। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, फोटो, भूमि संबंधी दस्तावेज, परियोजना रिपोर्ट और बैंक पासबुक सहित आवश्यक अभिलेख जमा करने होंगे। इच्छुक लोग सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय, बलरामपुर में आवेदन कर सकते हैं।