{"_id":"619545fefbecbd4e2e798a14","slug":"farmers-now-get-relief-from-mobile-number-in-registration-balrampur-news-lko604912195","type":"story","status":"publish","title_hn":"रजिस्ट्रेशन में किसानों को अब मिली मोबाईल नंबर की राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रजिस्ट्रेशन में किसानों को अब मिली मोबाईल नंबर की राहत
विज्ञापन
बलरामपुर। उपज सरकारी रेट पर बेचकर अच्छी आमदनी का किसानों का सपना रजिस्ट्रेशन न हो पाने से चकनाचूर हो रहा था। यह परेशानी किसानों को आधार से लिंक अपना मोबाइल नंबर भूलने के कारण हो रही थी। विभाग अब व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब रजिस्ट्रेशन के समय किसान किसी भी मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगा सकते हैं।
विदित हो कि जिले में सरकारी धान खरीद के लिए कुल 34 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर अलग-अलग संस्थाएं किसानों से धान खरीद रही है। सरकारी केंद्र पर धान बेंचने के लिए किसानों को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना पड़ता है।
पंजीकरण में किसानों का आधार नंबर अपलोड किया जाता है। आधार अपलोड होते ही आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजी जाती है। यह ओटीपी डालने पर ही किसानों का रजिस्ट्रेशन होता है।
विज्ञापन
दिक्कत यह आ रही थी कि कई किसान आधार से लिंक अपना मोबाइल नंबर या तो भूल गए थे या फिर मोबाइल खो गया था। रजिस्ट्रेशन न हो पाने के चलते किसान अपनी उपज बिचौलियों के हाथ बेंचने को विवश थे। अब किसानों को इस समस्या से निजात मिल गई है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि किसानों की शिकायत व समस्या को देखते हुए अब नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब रजिस्ट्रेशन के समय किसान जो मोबाइल नंबर बताएगा उसी पर ओटीपी भेज दी जाएगी।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किए गए इन बदलाव से अब किसानों को काफी राहत मिल गई है। अधिकारी ने बताया कि किसान अब शीघ्र अपना रजिस्ट्रेशन कराकर सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर ही अपना धान बेंचकर अच्छा मूल्य प्राप्त करें।
विज्ञापन
विदित हो कि जिले में सरकारी धान खरीद के लिए कुल 34 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर अलग-अलग संस्थाएं किसानों से धान खरीद रही है। सरकारी केंद्र पर धान बेंचने के लिए किसानों को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना पड़ता है।
विज्ञापन
पंजीकरण में किसानों का आधार नंबर अपलोड किया जाता है। आधार अपलोड होते ही आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजी जाती है। यह ओटीपी डालने पर ही किसानों का रजिस्ट्रेशन होता है।
विज्ञापन
दिक्कत यह आ रही थी कि कई किसान आधार से लिंक अपना मोबाइल नंबर या तो भूल गए थे या फिर मोबाइल खो गया था। रजिस्ट्रेशन न हो पाने के चलते किसान अपनी उपज बिचौलियों के हाथ बेंचने को विवश थे। अब किसानों को इस समस्या से निजात मिल गई है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि किसानों की शिकायत व समस्या को देखते हुए अब नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब रजिस्ट्रेशन के समय किसान जो मोबाइल नंबर बताएगा उसी पर ओटीपी भेज दी जाएगी।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में किए गए इन बदलाव से अब किसानों को काफी राहत मिल गई है। अधिकारी ने बताया कि किसान अब शीघ्र अपना रजिस्ट्रेशन कराकर सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर ही अपना धान बेंचकर अच्छा मूल्य प्राप्त करें।