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किसान को एक साल से न मिला गेहूं का भुगतान
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उतरौला (बलरामपुर)। स्थानीय तहसील के एक किसान को एक साल से सरकारी केंद्र पर बेचे गयेे 30 क्विंटल गेहूं का 59,250 रुपये भुगतान नहीं हो सका है। पीड़ित किसान ने मुख्यमंत्री व डीएम को पत्र भेजकर उपज का भुगतान दिलाने की मांग की है।
उतरौला तहसील के मझारी वाछिल निवासी अनुराग सिंह ने मुख्यमंत्री व डीएम को भेजे गये पत्र में कहा है कि उन्होंने 25 मई 2021 को पीसीएफ के क्रय केंद्र खरदौरी पर अपना 30 क्विंटल गेहूं बेचा था। एक साल से उनका 59,250 रुपये का भुगतान अटका है। उपज का भुगतान न मिलने से घर गृहस्थी चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान ने मुख्यमंत्री व डीएम से मांग की है कि सरकारी केंद्र पर बेचे गये गेहूं के मूल्य का भुगतान कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि सरकारी केंद्रों पर गेहूं व धान की खरीद के बाद आरटीजीएस के माध्यम से संबंधित किसान के बैंक खाते में सात दिन के अंदर हर हाल में भुगतान कर दिया जाता है। अनुराग सिंह के मामले की जांच कराकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। गेहूं व धान की खरीद पीओएस मशीन से की जा रही है, जिसका सारा विवरण ऑनलाइन है।
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उतरौला तहसील के मझारी वाछिल निवासी अनुराग सिंह ने मुख्यमंत्री व डीएम को भेजे गये पत्र में कहा है कि उन्होंने 25 मई 2021 को पीसीएफ के क्रय केंद्र खरदौरी पर अपना 30 क्विंटल गेहूं बेचा था। एक साल से उनका 59,250 रुपये का भुगतान अटका है। उपज का भुगतान न मिलने से घर गृहस्थी चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान ने मुख्यमंत्री व डीएम से मांग की है कि सरकारी केंद्र पर बेचे गये गेहूं के मूल्य का भुगतान कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि सरकारी केंद्रों पर गेहूं व धान की खरीद के बाद आरटीजीएस के माध्यम से संबंधित किसान के बैंक खाते में सात दिन के अंदर हर हाल में भुगतान कर दिया जाता है। अनुराग सिंह के मामले की जांच कराकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। गेहूं व धान की खरीद पीओएस मशीन से की जा रही है, जिसका सारा विवरण ऑनलाइन है।
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