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Balrampur News: चार गुना मुआवजे के भरोसे से फोरलेन निर्माण की जगी उम्मीद
Sat, 29 Aug 2026 10:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 29 Aug 2026 10:51 PM IST
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फोटो-2-बलरामपुर के तुलसीपुर में अधूरा पड़ा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य ।-संवाद
तुलसीपुर। फोरलेन निर्माण में लंबे समय से बनी जमीन अधिग्रहण की बाधा दूर होने की उम्मीद जगी है। हाईकोर्ट के जबरन बैनामा नहीं कराने के निर्देश के बाद प्रशासन ने प्रभावित भू-स्वामियों से वार्ता शुरू कर दी है। उप जिलाधिकारी हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता में भू-स्वामियों और जमीन अधिग्रहण समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें प्रभावित लोगों ने जमीन के सर्किल रेट (मालियत) का चार गुना मुआवजा देने की मांग रखी।
प्रभावित पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रदीप सोनी ने बताया कि बैठक में लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने भू-स्वामियों की मांगों पर विचार किया। अधिकारियों ने उच्च स्तर पर वार्ता कर चार गुना मुआवजा दिलाने का प्रयास करने का भरोसा दिया। एसडीएम ने कहा कि सरकार किसी भी नागरिक का नुकसान नहीं होने देगी। बैठक में बनी सहमति और मुआवजे की मांग से उच्च अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन दिया गया।
प्रशासन ने फोरलेन की जद में आने वाली जमीन के हाल में हुए बैनामों की जांच भी शुरू कर दी है। प्रभावित भू-स्वामियों से बैनामा समेत अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। अब तक करीब 10 लोगों ने दस्तावेज जमा कर दिए हैं। अन्य लोगों ने भी जल्द कागजात उपलब्ध कराने की बात कही है। जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की दर को लेकर विवाद के कारण फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया लंबे समय से प्रभावित थी।
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प्रभावित पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रदीप सोनी ने बताया कि बैठक में लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने भू-स्वामियों की मांगों पर विचार किया। अधिकारियों ने उच्च स्तर पर वार्ता कर चार गुना मुआवजा दिलाने का प्रयास करने का भरोसा दिया। एसडीएम ने कहा कि सरकार किसी भी नागरिक का नुकसान नहीं होने देगी। बैठक में बनी सहमति और मुआवजे की मांग से उच्च अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन दिया गया।
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प्रशासन ने फोरलेन की जद में आने वाली जमीन के हाल में हुए बैनामों की जांच भी शुरू कर दी है। प्रभावित भू-स्वामियों से बैनामा समेत अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। अब तक करीब 10 लोगों ने दस्तावेज जमा कर दिए हैं। अन्य लोगों ने भी जल्द कागजात उपलब्ध कराने की बात कही है। जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की दर को लेकर विवाद के कारण फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया लंबे समय से प्रभावित थी।
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