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...अभिभावकों ने गटक तो नहीं लिया 21.56 करोड़ अनुदान
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बलरामपुर। ...कहीं अभिभावकों ने अपने बच्चों के 21.56 करोड़ अनुदान गटक तो नहीं लिया है। प्रधानाध्यापकों के सत्यापन में अनुदान के धनराशि का बच्चों के सामानों की खरीद में प्रयोग होने का खुलासा होगा। ड्रेस, स्वेटर, बैग व जूते-मोजे की बच्चों के फोटोग्राफ से अनुदान की धनराशि खर्च होने की परख होगी। सत्यापन में खरे पाए जाने पर बच्चों के अभिभावकों को अगले शिक्षा सत्र में ड्रेस, स्वेटर, बैग व जूते-मोजे खरीदने पर अनुदान मिल सकेगा। चालू शिक्षा सत्र में अभी तक 1.96 लाख बच्चों को ड्रेस, स्वेटर, बैग व जूते-मोजे खरीदने के लिए अभिभावकों के बैंक खाते में 1100-1100 रुपये धनराशि दी गई है
शिक्षा सत्र 2021-22 में शासन ने बिचौलियों पर शिकंजा कसने के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों को डीबीटी के जरिए उनके बैंक खातों में 1100-1100 रुपये की धनराशि अनुदान के रुप में देने का निर्णय लिया। शासन के दिशा-निर्देश पर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 1161 प्राथमिक, 260 उच्च प्राथमिक व 390 कंपोजिट विद्यालयों के साथ-साथ 19 राजकीय, चार माध्यमिक 12 बेसिक एडेड और 11 कस्तूरबा विद्यालयों के 2,87,078 छात्र-छात्राओं का डेटा प्रोर्टल पर फीड कराया गया। पंजीकरण की तुलना में अभी तक मात्र 1.96 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में 21.56 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा सकी है। 91 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों को अनुदान की धनराशि नहीं मिली है।
इस धनराशि से अभिभावकों को अपने-अपने पाल्य के लिए दो-दो सेटों में ड्रेस, एक स्वेटर, एक बैग व एक-एक जोड़ी जूते-मोजे की खरीदारी करनी है। जिन अभिभावकों के बैंक खाते में अनुदान की धनराशि दी गई है उनके बच्चों का प्रधानाध्यापकों की तरफ से सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के दौरान प्रधानाध्यापकों को बच्चों के साथ नए दो-दो सेट ड्रेस, एक-एक स्वेटर, एक-एक बैग व एक-एक जोड़ी जूते-मोजों के साथ फोटोग्राफ लेकर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। सत्यापन में खरे पाए जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को ही शिक्षा सत्र 2022-23 में नए ड्रेस, स्वेटर, बैग व जूते-मोजे खरीदने के लिए पैसा दिया जाएगा।
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प्राथमिक विद्यालय, धुसाह की प्रधानाध्यापिका प्रतिमा सिंह ने बताया कि सभी बच्चों के अभिभावकों को शासन के दिशा-निर्देश से अवगत करा दिया गया है। बच्चों को दो-दो सेट ड्रेस, एक-एक स्वेटर, एक-एक बैग व एक-एक जोड़ी जूते-मोजों के साथ फोटो कराने के लिए जानकारी दे दी गई है। बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता निरंकार पांडेय ने बताया कि बाकी बचे 91 हजार की तुलना में 37.7 हजार बच्चों के अभिभावकों का बैंक खाते में आधार फीड न होने से धनराशि ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। जबकि 53.3 हजार बच्चों का डेटा दुरुस्त कराया जा रहा है। 31 मार्च के अंदर डेटा दुरुस्त कराकर इनके खातों में पैसे भेजने की तैयारी की जा रही है। (संवाद)
नए आदेश को होगा अनुपालन : नए शिक्षा सत्र में सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों को दो-दो सेट ड्रेस, एक-एक स्वेटर, एक-एक बैग व एक-एक जोड़ी जूते-मोजे की धनराशि देने के लिए शासन से नया आदेश आ गया है। इसमें पुराने छात्रों को मिली धनराशि के आधार पर तय सामग्री क्रय करने पर ही दोबारा अनुदान मिलेगा। डॉ. रामचंद्र, बीएसए
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शिक्षा सत्र 2021-22 में शासन ने बिचौलियों पर शिकंजा कसने के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों को डीबीटी के जरिए उनके बैंक खातों में 1100-1100 रुपये की धनराशि अनुदान के रुप में देने का निर्णय लिया। शासन के दिशा-निर्देश पर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 1161 प्राथमिक, 260 उच्च प्राथमिक व 390 कंपोजिट विद्यालयों के साथ-साथ 19 राजकीय, चार माध्यमिक 12 बेसिक एडेड और 11 कस्तूरबा विद्यालयों के 2,87,078 छात्र-छात्राओं का डेटा प्रोर्टल पर फीड कराया गया। पंजीकरण की तुलना में अभी तक मात्र 1.96 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में 21.56 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा सकी है। 91 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों को अनुदान की धनराशि नहीं मिली है।
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इस धनराशि से अभिभावकों को अपने-अपने पाल्य के लिए दो-दो सेटों में ड्रेस, एक स्वेटर, एक बैग व एक-एक जोड़ी जूते-मोजे की खरीदारी करनी है। जिन अभिभावकों के बैंक खाते में अनुदान की धनराशि दी गई है उनके बच्चों का प्रधानाध्यापकों की तरफ से सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के दौरान प्रधानाध्यापकों को बच्चों के साथ नए दो-दो सेट ड्रेस, एक-एक स्वेटर, एक-एक बैग व एक-एक जोड़ी जूते-मोजों के साथ फोटोग्राफ लेकर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। सत्यापन में खरे पाए जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को ही शिक्षा सत्र 2022-23 में नए ड्रेस, स्वेटर, बैग व जूते-मोजे खरीदने के लिए पैसा दिया जाएगा।
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प्राथमिक विद्यालय, धुसाह की प्रधानाध्यापिका प्रतिमा सिंह ने बताया कि सभी बच्चों के अभिभावकों को शासन के दिशा-निर्देश से अवगत करा दिया गया है। बच्चों को दो-दो सेट ड्रेस, एक-एक स्वेटर, एक-एक बैग व एक-एक जोड़ी जूते-मोजों के साथ फोटो कराने के लिए जानकारी दे दी गई है। बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता निरंकार पांडेय ने बताया कि बाकी बचे 91 हजार की तुलना में 37.7 हजार बच्चों के अभिभावकों का बैंक खाते में आधार फीड न होने से धनराशि ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। जबकि 53.3 हजार बच्चों का डेटा दुरुस्त कराया जा रहा है। 31 मार्च के अंदर डेटा दुरुस्त कराकर इनके खातों में पैसे भेजने की तैयारी की जा रही है। (संवाद)
नए आदेश को होगा अनुपालन : नए शिक्षा सत्र में सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों को दो-दो सेट ड्रेस, एक-एक स्वेटर, एक-एक बैग व एक-एक जोड़ी जूते-मोजे की धनराशि देने के लिए शासन से नया आदेश आ गया है। इसमें पुराने छात्रों को मिली धनराशि के आधार पर तय सामग्री क्रय करने पर ही दोबारा अनुदान मिलेगा। डॉ. रामचंद्र, बीएसए