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Balrampur News: दवा-उपकरण आपूर्ति घोटाले में ईडी का शिकंजा, सात साल के रिकॉर्ड तलब

Mon, 14 Sep 2026 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Mon, 14 Sep 2026 11:30 PM IST
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ED tightens the noose in medicine and equipment supply scam; records from the last seven years summoned
बलरामपुर। देवीपाटन मंडल के सरकारी अस्पतालों में दवा और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित घोटाले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। विजिलेंस के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामले में सक्रियता बढ़ा दी है। ईडी ने उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमएससीएल) से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव और उनसे जुड़ी कंपनियों की दवा व चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है। जांच का दायरा बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा और बहराइच समेत अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों तक पहुंच गया है।
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सितंबर की शुरुआत में ईडी ने यूपीएमएससीएल से मुकेश श्रीवास्तव से जुड़ी सात कंपनियों के रिकॉर्ड तलब किए थे। ईडी की पड़ताल ऐसे समय तेज हुई है, जब विजिलेंस स्वास्थ्य विभाग में हुई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी अलग-अलग प्राथमिकी की जांच कर रही है। बलरामपुर में विजिलेंस ने मुकेश श्रीवास्तव समेत तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को नामजद किया है।
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ईडी इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक से भी अस्पतालों को जारी फंड, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और दवाओं से जुड़े रिकॉर्ड मांग चुकी है। इन अभिलेखों की पड़ताल के बाद अब यूपीएमएससीएल से संबंधित कंपनियों और अस्पतालों को की गई आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
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विजिलेंस के बाद ईडी की जांच से बढ़ी मुश्किलें

मामले में पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। वह फिलहाल जमानत पर हैं। वहीं, उनके भाई और स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय तक लिपिक रहे अजय श्रीवास्तव की गिरफ्तारी जांच एजेंसी के लिए चुनौती बनी हुई है। विजिलेंस उनकी तलाश में कई स्थानों पर दबिश दे चुकी है। अगस्त में जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट की कार्रवाई की तैयारी की थी।

विजिलेंस की अगस्त में हुई कार्रवाई के दौरान अजय श्रीवास्तव से जुड़ी करीब 28 करोड़ रुपये की संपत्तियों का ब्योरा सामने आने की बात कही गई थी। इनमें होटल, प्लॉट, फार्म हाउस और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी इन संपत्तियों के स्रोत और उनकी आय से संबंध की भी जांच कर रही है।

1.40 करोड़ रुपये के मामले की जांच पूरी, अब नौ कंपनियों की जांच

संयुक्त जिला अस्पताल से जुड़े करीब 1.40 करोड़ रुपये के एक मामले की विजिलेंस जांच पूरी हो चुकी है। इस प्रकरण में भी अजय श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। अगस्त में अस्पताल प्रशासन ने घोटाले से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख विजिलेंस को सौंपे थे। जांच एजेंसी का कहना है कि महत्वपूर्ण दस्तावेज लंबे समय तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे।


जांच में मुकेश श्रीवास्तव और उनके परिवार व करीबियों से जुड़ी कई कंपनियों की भूमिका सामने आई है। अब जांच एजेंसियां इन कंपनियों के माध्यम से हुई दवा और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति, भुगतान तथा संबंधित वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं।
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