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Balrampur News: कोयलाबास बॉर्डर पर भंसार बहाली के लिए कस्टम ने भेजा प्रस्ताव
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अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
जरवा/तुलसीपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे कोयलाबास बॉर्डर पर भंसार सुविधा शुरू कराने का प्रयास तेज हो गया है। सीमा शुल्क विभाग (कस्टम) ने इसके लिए प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा है, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिल सके। इस पहल ने सीमावर्ती कारोबारियों को उत्साहित कर दिया है। अमर उजाला ने 16 सितंबर से नेपाल में अंतरिम सरकार बनने के बाद व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भंसार शुरू कराने का अभियान शुरू किया था। भंसार बहाली के लिए कस्टम के पत्राचार से अभियान को और बल मिला है।
कोयलाबास से अभी बस 25 हजार रुपये तक के माल का आयात–निर्यात हो रहा है, लेकिन बड़े पैमाने पर व्यापार अब भी ठप है। नेपाल में हालिया राजनीतिक बदलाव के बाद दोनों ओर से व्यापारिक गतिविधियों को फिर से गति देने पर बातचीत तेज हुई है। इसी दौरान सीमा शुल्क चौकी जरवा प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि छोटे स्तर पर भंसार हो रहा है। 25 हजार रुपये से कम कीमत के माल की ही एंट्री होती है। बड़े भंसार की सुविधा बहाल कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि चौकी पर स्टाफ सीमित है। यहां अभी एक निरीक्षक और एक दीवान की तैनाती है। कर्मियों की तैनाती भी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
जरवा कस्बा पहले लकड़ी, पत्थर, कोयला और बालू के कारोबार का गढ़ था। रोज करोड़ों रुपये का व्यापार होता था और सैकड़ों लोगों की चहल-पहल रहती थी। अब हालात बदल चुके हैं। पुराने व्यापारी हीरालाल यादव कहते हैं कि मैं और साथी व्यापारी रामजी, विशंभर यादव, अजीज, पिंकू यहीं से कारोबार करते थे। कारोबार फलते-फूलते देख हमने जमीन भी खरीदी थी, लेकिन नदी-नाले की कटान में सब बह गया। व्यापार बंद होने के बाद बेरोजगारी ने घेर लिया। अब बस समय गुजार रहे हैं।
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व्यापारियों को दिख रहा उज्ज्वल भविष्य
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष एवं गल्ला व्यवसायी रामकुमार गुप्ता ने बताया कि कोयलाबास पर कस्टम सुविधा बहाल होते ही तुलसीपुर से सीधे नेपाल तक करोड़ों रुपये का अनाज व अन्य सामान निर्यात संभव होगा। फिलहाल रुपईडीह और बढ़नी बॉर्डर से माल भेजा जाता है। कोयलाबासा में भंसार खुलने पर यहां से भी एक्सपोर्ट लाइसेंस बनाकर सीधी सप्लाई हो सकेगी। नगर के कारोबारी राजीव अग्रवाल, सत्यम, सुरेश, जीवन, रामशंकर और रिंकू खान कहते हैं कि सीमा और कस्टम व्यवस्था में ढील मिलते ही तुलसीपुर का व्यापारिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा। टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों के साथ कपड़ा, बर्तन और किराने का कारोबार तेजी से बढ़ेगा।
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कोयलाबास से अभी बस 25 हजार रुपये तक के माल का आयात–निर्यात हो रहा है, लेकिन बड़े पैमाने पर व्यापार अब भी ठप है। नेपाल में हालिया राजनीतिक बदलाव के बाद दोनों ओर से व्यापारिक गतिविधियों को फिर से गति देने पर बातचीत तेज हुई है। इसी दौरान सीमा शुल्क चौकी जरवा प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि छोटे स्तर पर भंसार हो रहा है। 25 हजार रुपये से कम कीमत के माल की ही एंट्री होती है। बड़े भंसार की सुविधा बहाल कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि चौकी पर स्टाफ सीमित है। यहां अभी एक निरीक्षक और एक दीवान की तैनाती है। कर्मियों की तैनाती भी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
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जरवा कस्बा पहले लकड़ी, पत्थर, कोयला और बालू के कारोबार का गढ़ था। रोज करोड़ों रुपये का व्यापार होता था और सैकड़ों लोगों की चहल-पहल रहती थी। अब हालात बदल चुके हैं। पुराने व्यापारी हीरालाल यादव कहते हैं कि मैं और साथी व्यापारी रामजी, विशंभर यादव, अजीज, पिंकू यहीं से कारोबार करते थे। कारोबार फलते-फूलते देख हमने जमीन भी खरीदी थी, लेकिन नदी-नाले की कटान में सब बह गया। व्यापार बंद होने के बाद बेरोजगारी ने घेर लिया। अब बस समय गुजार रहे हैं।
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व्यापारियों को दिख रहा उज्ज्वल भविष्य
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष एवं गल्ला व्यवसायी रामकुमार गुप्ता ने बताया कि कोयलाबास पर कस्टम सुविधा बहाल होते ही तुलसीपुर से सीधे नेपाल तक करोड़ों रुपये का अनाज व अन्य सामान निर्यात संभव होगा। फिलहाल रुपईडीह और बढ़नी बॉर्डर से माल भेजा जाता है। कोयलाबासा में भंसार खुलने पर यहां से भी एक्सपोर्ट लाइसेंस बनाकर सीधी सप्लाई हो सकेगी। नगर के कारोबारी राजीव अग्रवाल, सत्यम, सुरेश, जीवन, रामशंकर और रिंकू खान कहते हैं कि सीमा और कस्टम व्यवस्था में ढील मिलते ही तुलसीपुर का व्यापारिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा। टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों के साथ कपड़ा, बर्तन और किराने का कारोबार तेजी से बढ़ेगा।