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42 दिन में सिर्फ 6.81 फीसदी हुई गेहूं खरीद
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फोटो-1-बलरामपुर में किसान के घर से गेहूं खरीदते कर्मचारी।-संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। जिले में 42 दिनों में महज 6.81 फीसदी गेहूं की खरीद की गई है। आढ़तियों की ओर से महंगे दामों में गेहूं खरीदने की वजह से सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। मोबाइल खरीद भी परवान नहीं चढ़ पा रही है। किसानों के पास बेचने के लिए गेहूं ही नहीं बचा है। तीन क्रय एजेंसियों ने निर्धारित लक्ष्य 42 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 55 केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू की। क्रय एजेंसियों ने 2599.37 मीट्रिक टन गेहूं 589 किसानों से खरीदा है, जिसमें मोबाइल खरीद भी शामिल है।
रबी क्रय वर्ष 2022-23 में मूल्य समर्थन योजना से क्रय एजेंसी खाद्य विभाग, पीसीएफ व यूपीएसएस ने एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की। तीनों क्रय एजेंसियों को 15 अप्रैल तक 55 केंद्रों पर 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया। आढ़तियों की तरफ से महंगे दामों में गेहूं खरीदने के चलते सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों का आना बंद हो गया। गेहूं खरीद में तेजी लाने के लिए मोबाइल तरीका अपनाया गया।
क्रय केंद्रों व मोबाइल के माध्यम से 12 मई तक तीनों क्रय एजेंसियों ने जिले के 589 किसानों से पांच करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये में 6.81 फीसदी के साथ 2599.37 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी की है। खाद्य विभाग ने 12 हजार के सापेक्ष 13 क्रय केंद्रों पर 129 किसानों से 4.43 फीसदी के साथ 531.80 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। पीसीएफ ने 16 हजार के सापेक्ष 23 केंद्रों पर 266 किसानों से 7.61 फीसदी के साथ 1217.52 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। यूपीएसएस ने 14 हजार की तुलना में 19 क्रय केंद्रों पर 194 किसानों से 6.07 फीसदी के साथ 850.05 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।
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किसान बलेदव, शिवशंकर, मोहित, रवि व दीपक आदि ने बताया कि आढ़तियों ने महंगे दामों में गेहूं की खरीदारी की है। इसके चलते किसानों ने अपना गेहूं आढ़तियों के हाथ बेच दिया है। किसानों के पास सरकारी केंद्रों पर बेचने के लिए अब गेहूं नहीं बचा है, तो ऐसे में एजेंसियां गेहूं कैसे खरीदेंगी।
15 जून तक लक्ष्य पूरा करने का प्रयास
सरकारी केंद्रों के साथ मोबाइल के माध्यम से 15 जून तक किसानों से गेहूं की खरीदारी की जाएगी। शासन स्तर से दिए लक्ष्य 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद को पूरा करने के लिए सभी क्रय एजेंसियों के संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। किसानों से गेहूं खरीदने वाले आढ़तियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। नियम विरुद्घ गेहूं की खरीद करने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ
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रबी क्रय वर्ष 2022-23 में मूल्य समर्थन योजना से क्रय एजेंसी खाद्य विभाग, पीसीएफ व यूपीएसएस ने एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की। तीनों क्रय एजेंसियों को 15 अप्रैल तक 55 केंद्रों पर 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया। आढ़तियों की तरफ से महंगे दामों में गेहूं खरीदने के चलते सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों का आना बंद हो गया। गेहूं खरीद में तेजी लाने के लिए मोबाइल तरीका अपनाया गया।
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क्रय केंद्रों व मोबाइल के माध्यम से 12 मई तक तीनों क्रय एजेंसियों ने जिले के 589 किसानों से पांच करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये में 6.81 फीसदी के साथ 2599.37 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी की है। खाद्य विभाग ने 12 हजार के सापेक्ष 13 क्रय केंद्रों पर 129 किसानों से 4.43 फीसदी के साथ 531.80 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। पीसीएफ ने 16 हजार के सापेक्ष 23 केंद्रों पर 266 किसानों से 7.61 फीसदी के साथ 1217.52 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। यूपीएसएस ने 14 हजार की तुलना में 19 क्रय केंद्रों पर 194 किसानों से 6.07 फीसदी के साथ 850.05 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।
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किसान बलेदव, शिवशंकर, मोहित, रवि व दीपक आदि ने बताया कि आढ़तियों ने महंगे दामों में गेहूं की खरीदारी की है। इसके चलते किसानों ने अपना गेहूं आढ़तियों के हाथ बेच दिया है। किसानों के पास सरकारी केंद्रों पर बेचने के लिए अब गेहूं नहीं बचा है, तो ऐसे में एजेंसियां गेहूं कैसे खरीदेंगी।
15 जून तक लक्ष्य पूरा करने का प्रयास
सरकारी केंद्रों के साथ मोबाइल के माध्यम से 15 जून तक किसानों से गेहूं की खरीदारी की जाएगी। शासन स्तर से दिए लक्ष्य 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद को पूरा करने के लिए सभी क्रय एजेंसियों के संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। किसानों से गेहूं खरीदने वाले आढ़तियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। नियम विरुद्घ गेहूं की खरीद करने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ