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Balrampur News: स्वच्छता सर्वेक्षण मेंं पिछड़ गई बलरामपुर नगर पालिका
Sun, 14 Jan 2024 01:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 14 Jan 2024 01:38 PM IST
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बलरामपुर। 2023 के स्वच्छता सर्वेक्षण में बलरामपुर नगर पालिका पिछले साल के मुकाबले काफी पिछड़ गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण की जारी रैकिंग में बलरामपुर नगर पालिका को प्रदेश में 280 तथा देश में 1629 रैंक मिला। वहीं नगर पालिका उतरौला तथा नगर पंचायत तुलसीपुर व पचपेड़वा का प्रदर्शन भी काफी खराब रहा। स्वच्छता रैंकिंग में खराब प्रदर्शन के पीछे अधूरी परियोजनाएं व नगरवासियों की उदासीनता बहुत बड़ा कारण रहा है।
वर्ष 2022 की स्वच्छता रैंकिंग में प्रदेश स्तर पर बलरामपुर नगर पालिका परिषद को 18वीं रैंक मिली थी। इस बार 262 पायदान की गिरावट के बाद वह 280 वें स्थान पर पहुंच गई है। जबकि नगर पंचायत तुलसीपुर गत 65 वें स्थान से फिसल कर 259 वें, नगर पालिका परिषद उतरौला 127 वीं से 317 रैंक पर पहुंच गया। नगर पंचायत पचपेड़वा जिले में सबसे गंदा साबित हुआ। पिछले वर्ष 128वां स्थान पाने वाली नगर पंचायत पचपेड़वा इस बार 242 पायदान नीचे गिरकर 370 रैंक पर पहुंच गया।
-पिछले साल के मुकाबले इस साल साफ सफाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। नगर में साफ सफाई के लिए हेल्पलाइन नंबर को जारी कर दिया गया लेकिन इसका अमल भी ठीक तरीके से नहीं हो सका। अधूरी परियोजनाओं ने भी स्वच्छता रैकिंग को नीचे गिराने में अहम भूमिका निभाई। एमआरएफ सेंटर का काम भी पूरा न होने से खुले में कूड़ा फेंका जाता रहा है।
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वर्ष 2022 की स्वच्छता रैंकिंग में प्रदेश स्तर पर बलरामपुर नगर पालिका परिषद को 18वीं रैंक मिली थी। इस बार 262 पायदान की गिरावट के बाद वह 280 वें स्थान पर पहुंच गई है। जबकि नगर पंचायत तुलसीपुर गत 65 वें स्थान से फिसल कर 259 वें, नगर पालिका परिषद उतरौला 127 वीं से 317 रैंक पर पहुंच गया। नगर पंचायत पचपेड़वा जिले में सबसे गंदा साबित हुआ। पिछले वर्ष 128वां स्थान पाने वाली नगर पंचायत पचपेड़वा इस बार 242 पायदान नीचे गिरकर 370 रैंक पर पहुंच गया।
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-पिछले साल के मुकाबले इस साल साफ सफाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। नगर में साफ सफाई के लिए हेल्पलाइन नंबर को जारी कर दिया गया लेकिन इसका अमल भी ठीक तरीके से नहीं हो सका। अधूरी परियोजनाओं ने भी स्वच्छता रैकिंग को नीचे गिराने में अहम भूमिका निभाई। एमआरएफ सेंटर का काम भी पूरा न होने से खुले में कूड़ा फेंका जाता रहा है।
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