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Balrampur News: एडीएम के नाम पर भवन स्वामी से रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल
Sat, 20 Jan 2024 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 20 Jan 2024 12:13 AM IST
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बलरामपुर। उतरौला तहसील क्षेत्र के मानापार बहेरिया गांव में खाली जमीन पर मकान बनवा रहे भवन स्वामी से एडीएम के नाम पर रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल हुआ है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एसडीएम व तहसीलदार उतरौला को सौंपी है।
उतरौला तहसील के मानापार बहेरिया निवासी नूर मोहम्मद विदेश में कारोबार करते हैं। गांव में खाली पड़ी जमीन पर वह अपना भवन निर्माण करा रहे है। इसकी देखरेख नूर मोहम्मद का भतीजा सैफ कर रहा है। आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल ने पैमाइश के बाद बताया था कि भवन की बाउंड्रीवाल व गेट का निर्माण सरकारी जमीन (घूर गड्ढा) पर कराया गया है। इस निर्माण को वैध ठहराने के लिए उसने 50 हजार रुपये की मांग की। सैफ ने पैसा देने से इंकार किया तो निर्माणाधीन गेट पर एक नोटिस चस्पा कर दी गई।
14 जनवरी को राजस्व निरीक्षक व लेखपाल ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर गेट व बाउंड्रीवाल ढहा दी। जमीन न खाली कराए जाने के लिए लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने सैफ से तीन लाख रुपये मांगे। कहा कि पहले तो मामला 50 हजार में ही हल हो जाता है, लेकिन अब एडीएम को भी मैनेज करना पड़ेगा। राजस्व निरीक्षक ने स्वयं एडीएम से मिलकर मामले का सुलझाने का आश्वासन दिया। सैफ ने राजस्व निरीक्षक, लेखपाल एवं मुंशी के साथ हुई वार्ता का ऑडियो रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रदीप कुमार ने प्रकरण की जांच उतरौला एसडीएम अवधेश कुमार व तहसीलदार शैलेंद्र सिंह को सौंपी है। तहसीलदार ने बताया कि अवैध गेट व बाउंड्रीवाल गिराने की बात सही है। रिश्वत मांगे जाने के प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट जल्द ही एडीएम को सौंपी जाएगी।
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उतरौला तहसील के मानापार बहेरिया निवासी नूर मोहम्मद विदेश में कारोबार करते हैं। गांव में खाली पड़ी जमीन पर वह अपना भवन निर्माण करा रहे है। इसकी देखरेख नूर मोहम्मद का भतीजा सैफ कर रहा है। आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल ने पैमाइश के बाद बताया था कि भवन की बाउंड्रीवाल व गेट का निर्माण सरकारी जमीन (घूर गड्ढा) पर कराया गया है। इस निर्माण को वैध ठहराने के लिए उसने 50 हजार रुपये की मांग की। सैफ ने पैसा देने से इंकार किया तो निर्माणाधीन गेट पर एक नोटिस चस्पा कर दी गई।
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14 जनवरी को राजस्व निरीक्षक व लेखपाल ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर गेट व बाउंड्रीवाल ढहा दी। जमीन न खाली कराए जाने के लिए लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने सैफ से तीन लाख रुपये मांगे। कहा कि पहले तो मामला 50 हजार में ही हल हो जाता है, लेकिन अब एडीएम को भी मैनेज करना पड़ेगा। राजस्व निरीक्षक ने स्वयं एडीएम से मिलकर मामले का सुलझाने का आश्वासन दिया। सैफ ने राजस्व निरीक्षक, लेखपाल एवं मुंशी के साथ हुई वार्ता का ऑडियो रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रदीप कुमार ने प्रकरण की जांच उतरौला एसडीएम अवधेश कुमार व तहसीलदार शैलेंद्र सिंह को सौंपी है। तहसीलदार ने बताया कि अवैध गेट व बाउंड्रीवाल गिराने की बात सही है। रिश्वत मांगे जाने के प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट जल्द ही एडीएम को सौंपी जाएगी।
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