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बड़े परेड में 52 एंबुलेंस का चक्काजाम, कर्मियों का प्रदर्शन
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बलरामपुर के बड़ा परेड ग्राउंड में प्रदर्शन करते एंबुलेंसकर्मी।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। जिला मुख्यालय के बड़े परेड में सोमवार से 102 व 108 के 52 एंबुलेंस वाहनों का चक्का जाम कर दिया गया है। एंबुलेंस कर्मियों ने प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए प्रदर्शन किया। मांगे पूरी न होने तक बड़ा परेड में आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
आंदोलन में 24 घंटे शामिल रहने के लिए कर्मियों ने टेंट के साथ खाने-पीने का भी पूरा इंतजाम कर लिया है। एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल के चलते दूर-दराज के मरीजों को इलाज कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बड़ा परेड में धरने को संबोधित करते हुए एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मियों ने जान हथेली पर रखकर मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाया।
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अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करने वाले एंबुलेंस कर्मियों के साथ सरकार ने एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा का संचालन बदलकर अन्याय किया है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन पहले जीवीके ईएमआरआई संस्था कर रही थी लेकिन अब संचालन की जिम्मेदारी जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड को दे दिया गया है।
नई कंपनी एंबुलेंस कर्मियों की नई भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए हर अभ्यर्थियों से 20 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट मांगा जा रहा है ऐसे में हम लोगों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
एंबुलेंस कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मांग किया कि इस सेवा में ठेका प्रथा बंद किया जाए। इसके साथ 102, 108 एंबुलेंस व एएलएस कर्मियों को एनएचएम में शामिल किए जाने, समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने और कोरोना काल में शहीद हुए एंबुलेंस कर्मियों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की गई है।
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आंदोलन में 24 घंटे शामिल रहने के लिए कर्मियों ने टेंट के साथ खाने-पीने का भी पूरा इंतजाम कर लिया है। एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल के चलते दूर-दराज के मरीजों को इलाज कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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बड़ा परेड में धरने को संबोधित करते हुए एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मियों ने जान हथेली पर रखकर मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाया।
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अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करने वाले एंबुलेंस कर्मियों के साथ सरकार ने एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा का संचालन बदलकर अन्याय किया है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का संचालन पहले जीवीके ईएमआरआई संस्था कर रही थी लेकिन अब संचालन की जिम्मेदारी जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड को दे दिया गया है।
नई कंपनी एंबुलेंस कर्मियों की नई भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए हर अभ्यर्थियों से 20 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट मांगा जा रहा है ऐसे में हम लोगों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
एंबुलेंस कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मांग किया कि इस सेवा में ठेका प्रथा बंद किया जाए। इसके साथ 102, 108 एंबुलेंस व एएलएस कर्मियों को एनएचएम में शामिल किए जाने, समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने और कोरोना काल में शहीद हुए एंबुलेंस कर्मियों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की गई है।