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घाटा होने से 50 सरकारी व निजी बसें सरेंडर

Fri, 03 Jul 2020 09:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2020 09:51 PM IST
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50 buses surrendered due to loss during lockdown
बलरामपुर। कोविड-19 महामारी के चलते मुसाफिरों का आवागमन काफी कम हो गया है। घाटा होने से 50 सरकारी व निजी बसों को सरेंडर कर दिया गया है। वाहन स्वामियों ने तीन माह के लिए बसों का सरेंडर प्रमाण पत्र लेने के लिए विभाग में अर्जी लगाई है। वाहन स्वामियों ने एआरटीओ दफ्तर में बसों के मूल दस्तावेज शपथ पत्र के साथ जमा कर दिया है। स्थलीय सत्यापन के बाद वाहन स्वामियों को सरेंडर प्रमाण पत्र दिया जाएगा। विभागीय कार्रवाई में फंसे वाहनों के सरेंडर प्रमाण पत्र न देने की चेतावनी दी गई है।
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प्राइवेट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जब्बार खां ने बताया कि कोविड-19 महामारी में लॉकडाउन के चलते लोगों का आवागमन काफी कम हो गया है। सवारियों के अभाव में सड़कों पर खाली बसों को दौड़ाने से वाहन स्वामियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। तुलसीपुर, गौरा चौराहा, ललिया, शिवपुरा, मथुरा बाजार व बढ़नी जैसे मार्गों पर सरकारी अनुमति के बाद निजी बसों का संचालन किया जा रहा है। पहले इन सभी मार्गों पर रोजाना काफी संख्या में सवारियों का आवागमन हो रहा था। लॉकडाउन के चलते अब सवारियों का आवागमन काफी कम हो गया है। नुकसान को देखते एक जुलाई को एआरटीओ दफ्तर में 28 बसों वाहन स्वामियों ने सरेंडर करने के लिए अर्जी दी है।
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सरेंडर अर्जी के साथ एआरटीओ दफ्तर में बसों को न चलाने व निर्धारित स्थान पर खड़ा किए जाने से संबंधित शपथ पत्र भी दिया गया है। बसों की सरेंडर अर्जी मंजूर न होने पर वाहन स्वामियों को तीन माह का पूरा टैक्स 15 दिनों के भीतर जमा करना होगा। कमाई न होने के चलते वाहन स्वामियों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ सकता है। बसों के मालिकों ने एआरटीओ से वाहनों का सरेंडर प्रमाण पत्र तत्काल जारी करने की मांग की है, जिससे नुकसान होने से बस मालिक बच सकें। परिवहन मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से 31 मार्च से 30 जून तक लॉकडाउन के दौरान बसों का टैक्स माफ करने का वायदा किया गया था। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, बस्ती, बहराइच, बढ़नी व इटवा आदि रूटों पर सवारियों की भारी कमी के चलते 22 रोडवेज बसों को भी सरेंडर करने के लिए एआरटीओ दफ्तर में एआरएम ने रिपोर्ट भेजी है।
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सीज बसों को नहीं मिलेगा सरेंडर प्रमाण पत्र
सवारियों के कम निकलने से नुकसान का हवाला देकर 22 रोडवेज व 28 निजी बसों को सरेंडर करने के लिए दफ्तर में शपथ पत्र के साथ वाहन स्वामियों ने आवेदन दिया है। वाहन स्वामियों ने बसों को खड़ा करने का जो स्थान दर्शाया है उसका स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। स्थलीय सत्यापन में वाहनों के खड़ा होने की पुष्टि होने पर उन्हें सरेंडर प्रमाण पत्र निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार जारी किया जाएगा। सीज व अन्य कार्रवाई में फंसे बसों के मामले में सरेंडर प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
- अरविंद कुमार यादव, एआरटीओ
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