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Balrampur News: बाढ़ रोकने पर 23.50 करोड़ खर्च, फिर भी हालात जस के तस
Thu, 04 Jul 2024 01:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 04 Jul 2024 01:44 AM IST
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बलरामपुर। मानसून सक्रिय हो गया है। नदियों के साथ पहाड़ी नालों में भी बाढ़ का उफान आने लगा है। तटबंधों के मरम्मत कार्य में भी तेजी लानी शुरू कर दी गई है। राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदी एवं 17 पहाड़ी नालों के बाढ़ के कहर से जिले के लोगों को सुरक्षा दिलाने के लिए 181.8 किलोमीटर लंबाई में 17 तटबंधों का निर्माण कराया गया था। इसमें से पिछले साल नौ तटबंधों के मरम्मत पर 23 करोड़ 49 लाख 89 हजार रुपये खर्च किए गए थे। राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित बलरामपुर-भड़रिया तटबंध की 600 मीटर लंबाई में मनियरिया गांव के पास दो करोड़ छह लाख 16 हजार रुपये मरम्मत पर खर्च किए गए थे। इसके बाद भी कटान शुरू होने के कारण आठ लाख की आबादी पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित घोसियार गांव के पास 480 मीटर लंबाई में करमहना तटबंध के मरम्मत पर दो करोड़ 58 लाख 16 हजार रुपये खर्च हुए। राप्ती नदी के बायें तट पर रेवारी गांव के पास 300 मीटर लंबाई में सात अदद कटर निर्माण पर 311.35 लाख व ग्राम हरिबसपुर के पास भोजपुरशाह तटबंध की 450 मीटर लंबाई में कटान निरोधक कार्य पर 494.90 लाख रुपये खर्च हुए। राप्ती नदी के बाएं तट पर 450 मीटर लंबाई में 147.03 लाख में भोजपुर गांव के पास करमहना-भोजपुर तटबंध पर कटान निरोधक कार्य कराया गया। राप्ती नदी के बायें तट पर जगतपुर खरहनिया गांव की सुरक्षा पर 304.51 लाख, दायें तट पर पयागपुर गांव की सुरक्षा पर 244.88 लाख पर बाएं तट पर सईडीह गांव की सुरक्षा पर 187.59 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बूढ़ी राप्ती नदी के बाएं तट पर 400 मीटर इमिलिया खादर तटबंध व परसौना गांव के पास 200 मीटर कटान निरोधक कार्य पर 195.31 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसके बाद भी कटान शुरू होने के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
तटबंध को मजबूत रखना है चुनौती
-नगर की डेढ़ लाख आबादी के लिए बाढ़ की सुरक्षा का कवच मेवालाल तालाब दिपवा (एमएलटीडी) तटबंध पर मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। वर्ष 2022 में तटबंध कमजोर होने से नगर के सभी 25 वार्डों में बाढ़ का कहर लोगों पर टूटा था। नगर में बाढ़ के प्रकोप को 21 किलोमीटर लंबा तटबंध सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है। नगरवासी राकेश, बलदेव व सुशील कहते हैं कि इस तटबंध को मजबूत रखना प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती है।
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बाढ़ से बचाता है तटबंध
-सदर तहसील का राजघाट तटबंध राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित है। राप्ती नदी के किनारे बना तटबंध से सदर तहसील के 30 से अधिक गांवों को बाढ़ से सुरक्षा मिलती है। क्षेत्रवासी पिंकू तिवारी, उदयराज व नरसिंह का कहना है कि राजघाट तटबंध राप्ती नदी के किनारे है, जो क्षेत्र के लोगों को बाढ़ के प्रकोप से बचाता है।
-नदियों व पहाड़ी नालों के बाढ़ से लोगों को बचाने वाले क्षतिग्रस्त तटबंधों की सुरक्षा पर कार्य कराए जा रहे हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान निरोधक कार्यों को शीघ्र समय से पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
-प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित घोसियार गांव के पास 480 मीटर लंबाई में करमहना तटबंध के मरम्मत पर दो करोड़ 58 लाख 16 हजार रुपये खर्च हुए। राप्ती नदी के बायें तट पर रेवारी गांव के पास 300 मीटर लंबाई में सात अदद कटर निर्माण पर 311.35 लाख व ग्राम हरिबसपुर के पास भोजपुरशाह तटबंध की 450 मीटर लंबाई में कटान निरोधक कार्य पर 494.90 लाख रुपये खर्च हुए। राप्ती नदी के बाएं तट पर 450 मीटर लंबाई में 147.03 लाख में भोजपुर गांव के पास करमहना-भोजपुर तटबंध पर कटान निरोधक कार्य कराया गया। राप्ती नदी के बायें तट पर जगतपुर खरहनिया गांव की सुरक्षा पर 304.51 लाख, दायें तट पर पयागपुर गांव की सुरक्षा पर 244.88 लाख पर बाएं तट पर सईडीह गांव की सुरक्षा पर 187.59 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बूढ़ी राप्ती नदी के बाएं तट पर 400 मीटर इमिलिया खादर तटबंध व परसौना गांव के पास 200 मीटर कटान निरोधक कार्य पर 195.31 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसके बाद भी कटान शुरू होने के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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तटबंध को मजबूत रखना है चुनौती
-नगर की डेढ़ लाख आबादी के लिए बाढ़ की सुरक्षा का कवच मेवालाल तालाब दिपवा (एमएलटीडी) तटबंध पर मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। वर्ष 2022 में तटबंध कमजोर होने से नगर के सभी 25 वार्डों में बाढ़ का कहर लोगों पर टूटा था। नगर में बाढ़ के प्रकोप को 21 किलोमीटर लंबा तटबंध सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है। नगरवासी राकेश, बलदेव व सुशील कहते हैं कि इस तटबंध को मजबूत रखना प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती है।
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बाढ़ से बचाता है तटबंध
-सदर तहसील का राजघाट तटबंध राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित है। राप्ती नदी के किनारे बना तटबंध से सदर तहसील के 30 से अधिक गांवों को बाढ़ से सुरक्षा मिलती है। क्षेत्रवासी पिंकू तिवारी, उदयराज व नरसिंह का कहना है कि राजघाट तटबंध राप्ती नदी के किनारे है, जो क्षेत्र के लोगों को बाढ़ के प्रकोप से बचाता है।
-नदियों व पहाड़ी नालों के बाढ़ से लोगों को बचाने वाले क्षतिग्रस्त तटबंधों की सुरक्षा पर कार्य कराए जा रहे हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान निरोधक कार्यों को शीघ्र समय से पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
-प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व