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Balrampur News: हार्ड एरिया को पानीदार बनाने वाली 19 परियोजनाएं अटकीं
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बलरामपुर के तुलसीपुर क्षेत्र में स्थित नहर में जमा सिल्ट।-संवाद
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बलरामपुर। हार्ड एरिया को पानीदार बनाने वाली एक अरब 23 करोड़ 15 लाख रुपये की 19 परियोजनाएं अधूरी हैं। नलकूप, चित्तौड़गढ़ बांध, सरयू व राप्ती नहर विभाग को पानीदार बनाने वाली परियोजनाओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन विभागों को अब तक 81.70 करोड़ रुपये मिले भी, लेकिन विभागों ने 43.41 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉक हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा में पानी की कमी को दूर कराने के लिए वर्ष 2023 में परियोजनाएं स्वीकृत हुईं थीं। सरयू नहर प्रथम को 1.99 करोड़ से साइफन, 3.9 करोड़ से पुल निर्माण व 1.94 करोड़ से बिराहिमपुर, गौर, दौलताबाद, चमरुपुर व बिनोहनी में साइफन निर्माण कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। सरयू नहर तृतीय को 2.02 करोड़ से उतरौला पंप मुख्य नहर पर आंतरिक सेक्शन को ठीक कराना था। सरयू नहर खंड चार को 1.84 करोड़ रुपये से बस्ती शाखा की नहर में साइफन निर्माण कराना था।
चित्तौड़गढ़ बांध निर्माण खंड को 25.66 करोड़ रुपये से चार परियोजनाओं को चाक-चौबंद कराना था। इसमें 8.06 करोड़ रुपये से चित्तौड़गढ़ जलाशय, 3.97 करोड़ से गिरगिटही बांध, 4.78 करोड़ से गनेशपुर बांध व 8.85 करोड़ से चित्तौड़गढ़ में ड्रिप व बघेलखंड में सुधार कार्य कराना था। राप्ती नहर प्रथम को 15.94 करोड़ से कुलाबों के निर्माण व राप्ती नहर द्वितीय को 8.27 करोड़ रुपये से चयपुरवा, महुआ, जमधरा व डुमरी माइनर का निर्माण एवं मरम्मत तथा 10.22 करोड़ से राप्ती मुख्य नहर की मरम्मत करानी थी। सरयू नहर छह को 4.50 करोड़ से राप्ती मुख्य नहर के कुलाबों तथा मोतीपुर, अमवा व सिकरी में माइनर निर्माण कराना था।
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सरयू नहर सात को 6.81 करोड़ से राप्ती मुख्य नहर में रजबाहा व कुलाबों का निर्माण कराना था। लिफ्ट सिंचाई खंड अयोध्या को 29.93 करोड़ से उतरौला पंप नहर व बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड वाराणसी को 6.8 करोड़ से राप्ती नदी के बाएं तट पर बेला गांव के पास बाढ़ व कटान का काम कराना था। नलकूप खंड को 3.02 करोड़ से 140 नलकूपों के जल वितरण प्रणाली को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी मिली थी। (संवाद)
तकनीकी टीमों से कराई जा रही जांच
नलकूप, चित्तौड़गढ़ बांध, सरयू व राप्ती नहर की सभी परियोजनाओं की जांच कराने के लिए तकनीकी टीमें गठित की गई हैं। टीमों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-पवन अग्रवाल, डीएम
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नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉक हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा में पानी की कमी को दूर कराने के लिए वर्ष 2023 में परियोजनाएं स्वीकृत हुईं थीं। सरयू नहर प्रथम को 1.99 करोड़ से साइफन, 3.9 करोड़ से पुल निर्माण व 1.94 करोड़ से बिराहिमपुर, गौर, दौलताबाद, चमरुपुर व बिनोहनी में साइफन निर्माण कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। सरयू नहर तृतीय को 2.02 करोड़ से उतरौला पंप मुख्य नहर पर आंतरिक सेक्शन को ठीक कराना था। सरयू नहर खंड चार को 1.84 करोड़ रुपये से बस्ती शाखा की नहर में साइफन निर्माण कराना था।
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चित्तौड़गढ़ बांध निर्माण खंड को 25.66 करोड़ रुपये से चार परियोजनाओं को चाक-चौबंद कराना था। इसमें 8.06 करोड़ रुपये से चित्तौड़गढ़ जलाशय, 3.97 करोड़ से गिरगिटही बांध, 4.78 करोड़ से गनेशपुर बांध व 8.85 करोड़ से चित्तौड़गढ़ में ड्रिप व बघेलखंड में सुधार कार्य कराना था। राप्ती नहर प्रथम को 15.94 करोड़ से कुलाबों के निर्माण व राप्ती नहर द्वितीय को 8.27 करोड़ रुपये से चयपुरवा, महुआ, जमधरा व डुमरी माइनर का निर्माण एवं मरम्मत तथा 10.22 करोड़ से राप्ती मुख्य नहर की मरम्मत करानी थी। सरयू नहर छह को 4.50 करोड़ से राप्ती मुख्य नहर के कुलाबों तथा मोतीपुर, अमवा व सिकरी में माइनर निर्माण कराना था।
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सरयू नहर सात को 6.81 करोड़ से राप्ती मुख्य नहर में रजबाहा व कुलाबों का निर्माण कराना था। लिफ्ट सिंचाई खंड अयोध्या को 29.93 करोड़ से उतरौला पंप नहर व बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड वाराणसी को 6.8 करोड़ से राप्ती नदी के बाएं तट पर बेला गांव के पास बाढ़ व कटान का काम कराना था। नलकूप खंड को 3.02 करोड़ से 140 नलकूपों के जल वितरण प्रणाली को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी मिली थी। (संवाद)
तकनीकी टीमों से कराई जा रही जांच
नलकूप, चित्तौड़गढ़ बांध, सरयू व राप्ती नहर की सभी परियोजनाओं की जांच कराने के लिए तकनीकी टीमें गठित की गई हैं। टीमों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-पवन अग्रवाल, डीएम