{"_id":"5a70acb14f1c1bb1208b6553","slug":"171517333681-balrampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारे पुत्र को जज ने सुनाई उम्र कैद की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारे पुत्र को जज ने सुनाई उम्र कैद की सजा
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हत्यारे पुत्र को जज ने सुनाई उम्र कैद की सजा
बलरामपुर। हत्यारे पुत्र को जिला जज ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। आठ साल पहले बेटे ने अपने बुजुर्ग बाप की हत्या कर दी थी। जिला जज ने आरोपी को 15 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश जारी किया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के पुरैनिया तालाब मोहल्ला निवासी मंजू पांडेय ने पुलिस को 12 जून 2009 को प्रार्थना पत्र दिया था कि उसके ससुर श्रीबहादुर पांडेय को जेठ विजय कुमार पांडेय ने 11 जून 2009 की रात को बुरी तरह से मारापीटा जिससे उनके सुसर की मौत हो गई।
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है तथा विजय कुमार पांडेय को जेल भेज दिया। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने विजय कुमार को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
सत्र परीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता गोमती प्रसाद त्रिपाठी ने 10 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष की तरफ से एक सफाई गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद जिला जज अरुण कुमार मिश्र ने मंगलवार को अभियुक्त विजय कुमार पांडेय को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।
जिला जज ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि विजय कुमार को 15 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करना होगा।
विज्ञापन
बलरामपुर। हत्यारे पुत्र को जिला जज ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। आठ साल पहले बेटे ने अपने बुजुर्ग बाप की हत्या कर दी थी। जिला जज ने आरोपी को 15 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश जारी किया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के पुरैनिया तालाब मोहल्ला निवासी मंजू पांडेय ने पुलिस को 12 जून 2009 को प्रार्थना पत्र दिया था कि उसके ससुर श्रीबहादुर पांडेय को जेठ विजय कुमार पांडेय ने 11 जून 2009 की रात को बुरी तरह से मारापीटा जिससे उनके सुसर की मौत हो गई।
विज्ञापन
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है तथा विजय कुमार पांडेय को जेल भेज दिया। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने विजय कुमार को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
सत्र परीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता गोमती प्रसाद त्रिपाठी ने 10 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष की तरफ से एक सफाई गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद जिला जज अरुण कुमार मिश्र ने मंगलवार को अभियुक्त विजय कुमार पांडेय को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।
जिला जज ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि विजय कुमार को 15 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करना होगा।