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Balrampur News: खरझार नाले के कटान से 15 गांवों पर मंडराया खतरा
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बलरामपुर के चिकनौटा गांव के पास कटान करता पहाड़ी नाले का बाढ़।-फाइल फोटो
महराजगंज तराई (बलरामपुर)। खरझार पहाड़ी नाले के कटान से 15 गांवों के आवागमन पर खतरा मंडरा रहा है। पहाड़ी नाले के कटान से पटोहाकोट गांव के पास आधी सड़क कट गई है। इससे ग्रामीणों के आवागमन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य न कराया गया तो 20 हजार लोगों को आवागमन में परेशानी होगी। सड़क पर आवागमन ठप हो जाने से गांव टापू बन जाएंगे।
ग्राम प्रधान केसरी सिंह ने कहा कि बेला गांव से कोटिया-पटोहा जाने वाले मार्ग पर चिकनौटा गांव के पास पुल से कुछ दूरी पर खरझार पहाड़ी नाला तेजी से कटान कर रहा है। पिछले वर्ष पहाड़ी नाले में कई बार बाढ़ आने से चिकनौटा गांव के पास 50 मीटर से अधिक सड़क कट गई है। सड़क का पूरा हिस्सा कट चुका है। बरसात से पहले कटानरोधी कार्य न कराया गया तो पहाड़ी नाले के कटान से सड़क का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। सड़क न बचने पर बरगदही, चिकनौटा, साखीरेत, किठूरा, अम्मरनगर, सुखदेवपुरवा, हिम्मतपुरवा, चंदनजोत, पठानपुरवा, जहदरिया, बदलपुरवा, पटोहाकोट व कौवा सहित 15 गांवों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाएगा। यदि इस रास्ते से आवागमन बंद हो गया तो क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी होगी।
रास्ता बंद होने से लोगों को 12 किलोमीटर से अधिक दूरी का चक्कर काटना पड़ेगा। ग्रामीण राजू सिंह, मंगल देव सिंह, राज कुमार व राकेश वर्मा ने बताया कि कई बार मांग के बाद भी अभी तक सड़क को बचाने के लिए कटानरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया है। यदि बरसात से पहले काम न कराया गया तो 15 गांवों के लोगों को अपने घरों से जिला व ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इन लोगों ने प्रशासन से कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है। (संवाद)
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बरसात से पहले काम पूरा कराने का निर्देश
बेला से कोटिया-पटोहा जाने वाले मार्ग पर चिकनौटा गांव के पास खरझार पहाड़ी नाले के कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को बरसात से पहले कटानरोधी कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। यदि काम में लापरवाही बरती गई तो संबंधित के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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ग्राम प्रधान केसरी सिंह ने कहा कि बेला गांव से कोटिया-पटोहा जाने वाले मार्ग पर चिकनौटा गांव के पास पुल से कुछ दूरी पर खरझार पहाड़ी नाला तेजी से कटान कर रहा है। पिछले वर्ष पहाड़ी नाले में कई बार बाढ़ आने से चिकनौटा गांव के पास 50 मीटर से अधिक सड़क कट गई है। सड़क का पूरा हिस्सा कट चुका है। बरसात से पहले कटानरोधी कार्य न कराया गया तो पहाड़ी नाले के कटान से सड़क का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। सड़क न बचने पर बरगदही, चिकनौटा, साखीरेत, किठूरा, अम्मरनगर, सुखदेवपुरवा, हिम्मतपुरवा, चंदनजोत, पठानपुरवा, जहदरिया, बदलपुरवा, पटोहाकोट व कौवा सहित 15 गांवों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाएगा। यदि इस रास्ते से आवागमन बंद हो गया तो क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी होगी।
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रास्ता बंद होने से लोगों को 12 किलोमीटर से अधिक दूरी का चक्कर काटना पड़ेगा। ग्रामीण राजू सिंह, मंगल देव सिंह, राज कुमार व राकेश वर्मा ने बताया कि कई बार मांग के बाद भी अभी तक सड़क को बचाने के लिए कटानरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया है। यदि बरसात से पहले काम न कराया गया तो 15 गांवों के लोगों को अपने घरों से जिला व ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इन लोगों ने प्रशासन से कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है। (संवाद)
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बरसात से पहले काम पूरा कराने का निर्देश
बेला से कोटिया-पटोहा जाने वाले मार्ग पर चिकनौटा गांव के पास खरझार पहाड़ी नाले के कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को बरसात से पहले कटानरोधी कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। यदि काम में लापरवाही बरती गई तो संबंधित के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व