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रजिस्ट्री कार्यालय के भ्रष्टाचार की जांच को तीन सदस्यीय टीम गठित
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बलिया। जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों में भ्रष्टाचार की जांच को लेकर जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने एसडीएम रसड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। टीम में एसडीएम के अलावा सहायक महानिरीक्षक स्टांप बलिया व एसटीओ बलिया को डीएम ने नामित किया है। जांच होने पर कइयों की गर्दन फंस सकती है। डीएम ने यह कार्रवाई एसडीएम सदर की ओर से भेजे गए पत्र पर की है। अमर उजाला ने तीन सितंबर को पेज दो व चार सितंबर को पेज तीन पर प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था।
जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों में जमीनों की खरीद फरोख्त का काम ऑनलाइन किया जाता है। इसके बावजूद कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर दलाल व भूमाफिया फजीवाड़ा का खेल कर रहे हैं। विभिन्न तहसीलों में स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में दलालों व भूमाफियाओं का बोलबाला रहता है और आए दिन अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने का काम करते हैं। जानकारी होने के बाद जमीन मालिकों को इनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर महीनों तक अधिकारियों का चक्कर काटना पड़ता है। बताया जाता है कि भूमाफियाओं की निगाह कमजोर वर्ग व दूर दराज के शहरों में रहकर व्यवसाय व नौकरी पेशा करने वाले लोगों की कीमती जमीनों पर होती है जिसे वह फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री करा लेते हैं। दूर दराज के इलाकों में रहने वाले लोग जब गांव या अपने शहर में पहुंचते हैं। तब इसकी जानकारी होती है और इसको लेकर परेशान हो उठते हैं। इतना ही नहीं रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत से दशकों पुराना फर्जी दस्तावेज तैयार कर तहसीलों में भिजवा देते हैं और इसके आधार पर वह राजस्वकर्मियों से मिलीभगत कर जमीनों पर नामांतरण भी करा लेते हैं। इन मामलों के लगातार खुलासा के बाद एसडीएम सदर ने जिलाधिकारी को पत्र भेज कर बताया कि सदर रजिस्ट्री कार्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसकी गहन जांच आवश्यक है। एसडीएम के पत्र पर डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है।
एसडीएम, सदर, बलिया अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के बाबत जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया था। डीएम ने इसकी जांच के लिए रसड़ा एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
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जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों में जमीनों की खरीद फरोख्त का काम ऑनलाइन किया जाता है। इसके बावजूद कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर दलाल व भूमाफिया फजीवाड़ा का खेल कर रहे हैं। विभिन्न तहसीलों में स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में दलालों व भूमाफियाओं का बोलबाला रहता है और आए दिन अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने का काम करते हैं। जानकारी होने के बाद जमीन मालिकों को इनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर महीनों तक अधिकारियों का चक्कर काटना पड़ता है। बताया जाता है कि भूमाफियाओं की निगाह कमजोर वर्ग व दूर दराज के शहरों में रहकर व्यवसाय व नौकरी पेशा करने वाले लोगों की कीमती जमीनों पर होती है जिसे वह फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री करा लेते हैं। दूर दराज के इलाकों में रहने वाले लोग जब गांव या अपने शहर में पहुंचते हैं। तब इसकी जानकारी होती है और इसको लेकर परेशान हो उठते हैं। इतना ही नहीं रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत से दशकों पुराना फर्जी दस्तावेज तैयार कर तहसीलों में भिजवा देते हैं और इसके आधार पर वह राजस्वकर्मियों से मिलीभगत कर जमीनों पर नामांतरण भी करा लेते हैं। इन मामलों के लगातार खुलासा के बाद एसडीएम सदर ने जिलाधिकारी को पत्र भेज कर बताया कि सदर रजिस्ट्री कार्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसकी गहन जांच आवश्यक है। एसडीएम के पत्र पर डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है।
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एसडीएम, सदर, बलिया अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के बाबत जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया था। डीएम ने इसकी जांच के लिए रसड़ा एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
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