बलिया में मंदिर विवाद: पैमाइश के लिए नहीं पहुंची टीम, इंतजार करते रह गए हिन्दूवादी, प्रशासन पर टालमटोल का आरोप
हिन्दूवादी संगठनों ने प्रशासन पर हिलाहवाली का आरोप लगाते हुए एसडीएम ऑफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि पैमाइश की बात कहकर अधिकारी माैके पर नहीं पहुंचे। जल्द समाधान नहीं हुआ तो सीएम योगी तक मामला पहुंचेगा।
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Crime in Ballia: अतिक्रमण के नाम पर शनि मंदिर तोड़े जाने को लेकर कस्बे में तनाव और असंतोष की लहर है। विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों में रोष व्याप्त है। आरोप है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की, उन्हें पूर्व में कोई जानकारी तक नहीं दी गई।
व्यापारियों और हिंदूवादी संगठनों के साथ बीते दो जून हुई बैठक में प्रशासन ने छह जून को पैमाइश करने की बात कही थी। शुक्रवार को हिंदूवादी संगठनों के लोग विवादित स्थल पर जुटना शुरू हो गए थे। देर तक पैमाइश के लिए टीम नहीं पहुंची तो लोगों में आक्रोश बढ़ गया। मंदिर परिसर में ही नारेबाजी शुरू कर दी।
इसके बाद नाराज लोग तहसील पहुंचे और अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने पुलिस बल नहीं होने का हवाला देकर बकरीद बाद मामले के निस्तारण की बात कही। इसको लेकर के काफी हंगामा हुआ।
कार्रवाई का दिया आश्वासन
थोड़ी ही देर में क्षेत्राधिकारी रजनीश कुमार यादव तहसील पहुंचे। नाै जून को दोनों पक्षों के अभिलेखों का निरीक्षण करने के बाद मामले का निस्तारण करने का आश्वासन दिया।
भाजपा मंडल अध्यक्ष सिकंदरपुर आकाश तिवारी ने कहा कि प्रशासन पुलिस बल नहीं होने का बहाना बनाकर मामले में लीपापोती करना चाहता है। चेताया कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सीएम योगी आदित्यनाथ तक मामले को ले जाएंगे। तहसीलदार प्रवीण सिंह, सीपी यादव, प्रयाग चौहान, आकाश तिवारी, मनोज मोदनवाल, लालबचन तिवारी, लालबचन शर्मा, अरविंद मधुकर, दिनेश सोनी, अमित गुप्ता, रमेश गुप्ता, रविंद्र वर्मा, उपेंद्र पांडेय, गणेश वर्मा थे।