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सूर्य षष्ठी व्रत आज, महिलाएं रहेंगी निर्जला व्रत
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नगर के ओक्डेनगंज से आर्यसमाज रोड पर लगी दुकानों पर छठ पर्व की खरीददारी करते लोग।
- फोटो : BALLIA
बलिया। सूर्योपासना का चार दिवसीय पर्व डाला छठ 31 अक्तूबर से शुरू हो गया। गुरुवार को पहले दिन महिलाओं ने नहाय खाय के साथ अनुष्ठान शुरू किया। शुक्रवार को खरना व्रत रखा और शाम को पूरी खीर आदि खाकर पारण किया। शनिवार को निर्जल व्रत रहकर डूबते सूर्य की पूजा करने के बाद अर्घ्य देंगी। रविवार की भोर में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं बड़ों का आशीर्वाद लेकर पारण करेंगी।
छठ को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घरों में सफाई की गई। शुक्रवार को नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में लोगों ने फल, नारियल, सुपली, दउरी, गन्ना आदि की खरीदारी की। चौक क्षेत्र में भीड़ के कारण पैर रखने तक की जगह नहीं रही। यातायात व्यवस्था के लिए नगर में जगह-जगह बैरियर लगाए गए हैं। छठ का पर्व 31 अक्टूबर से नहाय खाय के साथ शुरू हो चुका हैं। शुक्रवार को छठ का दूसरा दिन यानी खरना मनाया जा रहा है। महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत रही और शाम को गुड़ निर्मित खीर, रोटी व फल से पारण किया। खरना का अर्थ होता हैं शुद्धिकरण। छठ व्रत रखने वाली महिलाएं नहाय खाय के पूरा दिन उपवास रखकर केवल एक ही समय भोजन करके अपने शरीर से लेकर मन तक को शुद्ध करने का प्रयास करती हैं। यही कारण हैं कि इसे खरना के नाम से जाना जाता हैं। आज व्रती महिलाओं ने साफ मन से अपने कुल देवता और छठ मैया की पूजा करके उन्हें गुड़ से बनी खीर का प्रसाद चढ़ाया और प्रसाद ग्रहण किया। शनिवार को संतान प्राप्ति व पुत्र के दीर्घायु के लिए षष्ठी तिथि को महिलाएं निर्जल व्रत रहेंगी और शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। इसके बाद सप्तमी तिथि को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के पुत्र के दीर्घायु व सुख समृद्घि की कामना करते हुए पारण करेंगी। छठ की तैयारी के लिए घरों में महिलाओं ने गेहूं धोना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नगर में नारियल, अन्नानास, संतरा, नीबू, सुपली, दउरी, गन्ना, सेव, केला संतरा आदि की खरीदारी के लिए नगर में भीड़ उमड़ी रही। नगर में जाम न लगे इसके लिए यातायात पुलिस जगह-जगह बैरियर लगाकर मुश्तैद रही। सुरक्षा के मद्देनजर नगर में पुलिस चक्रमण करती रही।
फल, खरीददारी के लिए उमड़ी भीड़ : बलिया। छठ को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में शुक्रवार को भीड़ उमड़ी रही। इसको लेकर नगर के गड़वार तिराहा, गांधी नगर, चित्तू पांडेय चौराहा, स्टेशन रोड, चौक, विजय टाकीज रोड, रामलीला मैदान रोड, कासिम बाजार रोड सहित अन्य स्थानों पर सजे फलों की की दुकानों पर लोगों की भीड़ खरीददारी के लिए उमड़ी रही। जिसके चलते नगर में जाम की स्थिति उत्पन्न रही। हांलाकि जाम न लगे इसके लिए यातायात पुलिस जगह-जगह मौजूद रही। छठ पर्व पर बिक्री को लेकर दुुकानदारों में काफी उत्साह देखा गया।
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छठ घाट को अंतिम रूप देने में जुटे रहे समिति के सदस्य : बलिया। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के तालाब, पोखरा, सरोवर, गंगा व घाघरा घाटों पर समितियों के सदस्य सफाई में लगे रहे। श्रद्धालुओं ने वेेदी बनाई गई। विद्युत उपकरण व प्रकाश आदि समुचित व्यवस्था की जा रही थी। इधर, शुक्रवार को शहर में नगर पालिका द्वारा नगर के टाउन हाल, रामलीला मैदान, शनिचरी मंदिर, महावीर घाटों की सफाई व बिजली सजावट की व्यवस्था किया गया। इसके अलावा नगर के लाल घाट, हाईड्रिल कालोनी, बहादुरपुर व नगर से सटे निधरिया, अगरसंडा, मिड्ढा के घाटों की साफ-सफाई व बिजली की व्यवस्था समिति व प्रधानों द्वारा की जा रही है। उधर, भरौली, उजियार घाट, मझौवा, पचरूखिया घाट की साफ-सफाई व प्रकाश की व्यवस्था समितियों द्वारा अंतिम रूप दी जा रही थी। वहीं छठ मइया के गीत बजाने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए जा रहे थे।
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छठ को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घरों में सफाई की गई। शुक्रवार को नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में लोगों ने फल, नारियल, सुपली, दउरी, गन्ना आदि की खरीदारी की। चौक क्षेत्र में भीड़ के कारण पैर रखने तक की जगह नहीं रही। यातायात व्यवस्था के लिए नगर में जगह-जगह बैरियर लगाए गए हैं। छठ का पर्व 31 अक्टूबर से नहाय खाय के साथ शुरू हो चुका हैं। शुक्रवार को छठ का दूसरा दिन यानी खरना मनाया जा रहा है। महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत रही और शाम को गुड़ निर्मित खीर, रोटी व फल से पारण किया। खरना का अर्थ होता हैं शुद्धिकरण। छठ व्रत रखने वाली महिलाएं नहाय खाय के पूरा दिन उपवास रखकर केवल एक ही समय भोजन करके अपने शरीर से लेकर मन तक को शुद्ध करने का प्रयास करती हैं। यही कारण हैं कि इसे खरना के नाम से जाना जाता हैं। आज व्रती महिलाओं ने साफ मन से अपने कुल देवता और छठ मैया की पूजा करके उन्हें गुड़ से बनी खीर का प्रसाद चढ़ाया और प्रसाद ग्रहण किया। शनिवार को संतान प्राप्ति व पुत्र के दीर्घायु के लिए षष्ठी तिथि को महिलाएं निर्जल व्रत रहेंगी और शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। इसके बाद सप्तमी तिथि को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के पुत्र के दीर्घायु व सुख समृद्घि की कामना करते हुए पारण करेंगी। छठ की तैयारी के लिए घरों में महिलाओं ने गेहूं धोना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नगर में नारियल, अन्नानास, संतरा, नीबू, सुपली, दउरी, गन्ना, सेव, केला संतरा आदि की खरीदारी के लिए नगर में भीड़ उमड़ी रही। नगर में जाम न लगे इसके लिए यातायात पुलिस जगह-जगह बैरियर लगाकर मुश्तैद रही। सुरक्षा के मद्देनजर नगर में पुलिस चक्रमण करती रही।
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फल, खरीददारी के लिए उमड़ी भीड़ : बलिया। छठ को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में शुक्रवार को भीड़ उमड़ी रही। इसको लेकर नगर के गड़वार तिराहा, गांधी नगर, चित्तू पांडेय चौराहा, स्टेशन रोड, चौक, विजय टाकीज रोड, रामलीला मैदान रोड, कासिम बाजार रोड सहित अन्य स्थानों पर सजे फलों की की दुकानों पर लोगों की भीड़ खरीददारी के लिए उमड़ी रही। जिसके चलते नगर में जाम की स्थिति उत्पन्न रही। हांलाकि जाम न लगे इसके लिए यातायात पुलिस जगह-जगह मौजूद रही। छठ पर्व पर बिक्री को लेकर दुुकानदारों में काफी उत्साह देखा गया।
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छठ घाट को अंतिम रूप देने में जुटे रहे समिति के सदस्य : बलिया। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के तालाब, पोखरा, सरोवर, गंगा व घाघरा घाटों पर समितियों के सदस्य सफाई में लगे रहे। श्रद्धालुओं ने वेेदी बनाई गई। विद्युत उपकरण व प्रकाश आदि समुचित व्यवस्था की जा रही थी। इधर, शुक्रवार को शहर में नगर पालिका द्वारा नगर के टाउन हाल, रामलीला मैदान, शनिचरी मंदिर, महावीर घाटों की सफाई व बिजली सजावट की व्यवस्था किया गया। इसके अलावा नगर के लाल घाट, हाईड्रिल कालोनी, बहादुरपुर व नगर से सटे निधरिया, अगरसंडा, मिड्ढा के घाटों की साफ-सफाई व बिजली की व्यवस्था समिति व प्रधानों द्वारा की जा रही है। उधर, भरौली, उजियार घाट, मझौवा, पचरूखिया घाट की साफ-सफाई व प्रकाश की व्यवस्था समितियों द्वारा अंतिम रूप दी जा रही थी। वहीं छठ मइया के गीत बजाने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए जा रहे थे।