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बिजली के लिए घेरा सब स्टेशन
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 30 Jul 2015 10:39 PM IST
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पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पैतृक गांव इब्राहिमपट्टी स्थित पावरग्रिड के सब स्टेशन पर क्षेत्रीय लोगों ने एकजुट होकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। नौ सूत्री मांगों के समर्थन में छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे बेल्थरारोड तहसीलदार योगेंद्र प्रसाद को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि स्व. चंद्रशेखर ने जिस सपने के साथ पावर ग्रिड के सब स्टेशन की स्थापना कराया था, वह पूरा नहीं हो सका। आज यहां से दिल्ली, गाजियाबाद, नोयडा, लखनऊ, गुजरात, राजस्थान सहित कई प्रांतों को विद्युत आपूर्ति दी जाती है लेकिन पास के गांवों के लोगों को कोई फायदा नहीं मिला। लोगों को बिजली नहीं दी जाती, जिन्होंने अपनी जमीनें दी।
इनकी कुर्बानी का कोई फायदा क्षेत्र के लोगों को देखने के लिए नहीं मिल रहा है। बता दें कि इससे पूर्व भी जनपद को 24 घंटे बिजली दिलाने के लिए पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने 23 जनवरी, 2014 को विशाल धरना दिया था। उसके बाद पूर्व विधायक ने करीब एक साल तक आंदोलन की चिंगारी जलाए रखा लेकिन चुनाव के बाद यह मुद्दा गौड़ बनकर रह गया। इसके बाद यहां लगी आग से भड़के लोग सुविधा के तौर पर जिले को 24 घंटे बिजली दिलाने के लिए आगे आए।
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30 जून को धरना के साथ ही विशाल प्रदर्शन भी किया गया। उसी दिन छात्र संघर्ष समिति के सदस्यों ने ज्ञापन में चेताया था कि 30 जुलाई को अगर बिजली मुहैया कराने के प्रकरण में कोई ठोस कवायद नहीं की जाती है तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसी को आधार बनाकर क्षेत्र के दर्जन भर गांवों के छात्र, युवा, महिला और पुरुषों ने घेराव तथा धरना-प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि अगला धरना जिला मुख्यालय पर पंचायती चुनाव के बाद किया जाएगा। इस मौके पर दुर्गा प्रसाद सिंह, अनिल सिंह, लालबहादुर सिंह, आनंद सिंह, बंटी सिंह आदि रहे।
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कार्यक्रम के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि स्व. चंद्रशेखर ने जिस सपने के साथ पावर ग्रिड के सब स्टेशन की स्थापना कराया था, वह पूरा नहीं हो सका। आज यहां से दिल्ली, गाजियाबाद, नोयडा, लखनऊ, गुजरात, राजस्थान सहित कई प्रांतों को विद्युत आपूर्ति दी जाती है लेकिन पास के गांवों के लोगों को कोई फायदा नहीं मिला। लोगों को बिजली नहीं दी जाती, जिन्होंने अपनी जमीनें दी।
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इनकी कुर्बानी का कोई फायदा क्षेत्र के लोगों को देखने के लिए नहीं मिल रहा है। बता दें कि इससे पूर्व भी जनपद को 24 घंटे बिजली दिलाने के लिए पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने 23 जनवरी, 2014 को विशाल धरना दिया था। उसके बाद पूर्व विधायक ने करीब एक साल तक आंदोलन की चिंगारी जलाए रखा लेकिन चुनाव के बाद यह मुद्दा गौड़ बनकर रह गया। इसके बाद यहां लगी आग से भड़के लोग सुविधा के तौर पर जिले को 24 घंटे बिजली दिलाने के लिए आगे आए।
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30 जून को धरना के साथ ही विशाल प्रदर्शन भी किया गया। उसी दिन छात्र संघर्ष समिति के सदस्यों ने ज्ञापन में चेताया था कि 30 जुलाई को अगर बिजली मुहैया कराने के प्रकरण में कोई ठोस कवायद नहीं की जाती है तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसी को आधार बनाकर क्षेत्र के दर्जन भर गांवों के छात्र, युवा, महिला और पुरुषों ने घेराव तथा धरना-प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि अगला धरना जिला मुख्यालय पर पंचायती चुनाव के बाद किया जाएगा। इस मौके पर दुर्गा प्रसाद सिंह, अनिल सिंह, लालबहादुर सिंह, आनंद सिंह, बंटी सिंह आदि रहे।