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‘ग्रामीण की भांति नगर प्रेरकों की नियुक्ति हो’
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 18 Apr 2015 11:52 PM IST
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नगर प्रेरक संघ शहर का धरना कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इसमें मांग किया गया कि नगर के प्रेरकों को ग्रामीण प्रेरकों की तरह नियुक्त किया जाय।
धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नगर के प्रेरक एवं सहायक प्रेरक एक जनवरी 2007 से 20 मई 2009 तक नगर के प्राथमिक विद्यालयों में निरक्षरों को साक्षर करने का कार्य किया। इसके लिए उन्हें एक वर्ष का मानदेय दिया गया तथा 2009 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सतत शिक्षा परिवर्तित नाम लोक शिक्षा कार्यक्रम रखा गया।
इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में प्रेरकों का चयन किया गया। लेकिन नगर क्षेत्र के प्रेरकों का चयन अभी तक नहीं किया गया। इससे नगर क्षेत्र के प्रेरकों में नाराजगी है। वक्ताओं ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में 16 अप्रैल से धरना चल रहा है। लेकिन जिलाधिकारी महोदय अपने कार्यालय में बैठे हुए हैं। इसको लेकर प्रेरकों में गुस्सा है।
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उन्होेंने मांग किया कि नगर के प्रेरकों को ग्रामीण प्रेरकों की तरह नियुक्त किया जाय। इस मौके पर अंजू तिवारी, गीता गोयल, बजंती माला, मीना देवी, अंजनी श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, रीता भारती, किरण श्रीवास्तव, सुधा रानी पाठक, शकुंतला मिश्र सहित कई महिला-पुरुष प्रेरक मौजूद रहे।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नगर के प्रेरक एवं सहायक प्रेरक एक जनवरी 2007 से 20 मई 2009 तक नगर के प्राथमिक विद्यालयों में निरक्षरों को साक्षर करने का कार्य किया। इसके लिए उन्हें एक वर्ष का मानदेय दिया गया तथा 2009 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सतत शिक्षा परिवर्तित नाम लोक शिक्षा कार्यक्रम रखा गया।
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इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में प्रेरकों का चयन किया गया। लेकिन नगर क्षेत्र के प्रेरकों का चयन अभी तक नहीं किया गया। इससे नगर क्षेत्र के प्रेरकों में नाराजगी है। वक्ताओं ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में 16 अप्रैल से धरना चल रहा है। लेकिन जिलाधिकारी महोदय अपने कार्यालय में बैठे हुए हैं। इसको लेकर प्रेरकों में गुस्सा है।
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उन्होेंने मांग किया कि नगर के प्रेरकों को ग्रामीण प्रेरकों की तरह नियुक्त किया जाय। इस मौके पर अंजू तिवारी, गीता गोयल, बजंती माला, मीना देवी, अंजनी श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, रीता भारती, किरण श्रीवास्तव, सुधा रानी पाठक, शकुंतला मिश्र सहित कई महिला-पुरुष प्रेरक मौजूद रहे।