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कस्बे में शांति, कुछ दूकानें खुलीं
ballia
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:48 PM IST
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रतसर कस्बे में जुमे की नमाज अदा कर मस्जिद से निकलते मुस्लिम बंधु।
- फोटो : ballia
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कस्बा में बवाल के बाद तीसरे दिन शुक्रवार को भी प्रशासन की अपील का असर दिखा और बाजार में कुछ दूकाने खुली।हालांकि आम दूकानदार अभी भी दहशत में ही दिखे। बाजार खुला हल्की चहल-पहल भी रही लेकिन कोई खास दूकानदारी नहीं हुई। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती है। वहीं, अधिकारी कस्बे में अमन कायम रखने और दूकानों को खोलने की अपील कर रहे है।
मालूम हो कि कस्बा में मंगलवार की शाम को पूरबी राजभर बस्ती निवासी युवक व कस्बा निवासी युवक के बीच विवाद हो गया। कस्बा निवासी युवक ने राजभर बस्ती निवासी युवक को घर में बंद करके मारापीटा और अधमरा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने युवक को अस्पताल पहुंचाया था। बुधवार को घायल युवक के परिजनों और बस्ती के लोगों ने मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर कस्बा के गांधी चौराहे पर जाम लगा दिया।
इसी बीच युवक के मर जाने की अफवाह फैल गई और बवाल हो गया। दूकाने लूट ली गई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। आला अफसरों व पुलिस बल ने मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। बवाल के तीसरे दिन भी कस्बा में शांति रही और करीब 25 फीसदी दूकानदारों ने दूकान भी खोले। बवाल के बाद अब दोनों समुदाय के बुद्धिजीवी भी धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं और अमन चैन बहाल करने मे ंप्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि दो परिवारों के झगड़े को अराजकतत्वों ने सांप्रदायिक रुप देने के लिए ऐसा किया है।
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कस्बा स्थित जुमा मस्जिद में शुक्रवार को मुस्लिम बंधुओं ने नमाज अदा की। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहे। नमाज को देखते हुए एसडीएम सदर सुबह करीब आठ बजे ही मस्जिद पर पुलिस बल के साथ पहुंच गए। एसडीएम ने मुस्लिम वर्ग के संभ्रात व बुजुर्ग लोगों से बात की हर संभव सुरक्षा का भरोसा दिया। जुमा मस्जिद में नमाज के बाद मस्जिद के मुफ्ती ने कहा कि कस्बा में हुई घटना निंदनीय है। कहा कि इस्लाम में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इस्लाम शांति का प्रतीक है। उन्होंने मुस्लिम बंधुओं के धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि इसके चलते ही आज सभी समाज में उनकी प्रशंसा की जा रही है। नमाज के बाद मुस्लिम बंधुओं ने कस्बा में अमन चैन के लिए दुआ भी मांगी।
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मालूम हो कि कस्बा में मंगलवार की शाम को पूरबी राजभर बस्ती निवासी युवक व कस्बा निवासी युवक के बीच विवाद हो गया। कस्बा निवासी युवक ने राजभर बस्ती निवासी युवक को घर में बंद करके मारापीटा और अधमरा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने युवक को अस्पताल पहुंचाया था। बुधवार को घायल युवक के परिजनों और बस्ती के लोगों ने मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर कस्बा के गांधी चौराहे पर जाम लगा दिया।
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इसी बीच युवक के मर जाने की अफवाह फैल गई और बवाल हो गया। दूकाने लूट ली गई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। आला अफसरों व पुलिस बल ने मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। बवाल के तीसरे दिन भी कस्बा में शांति रही और करीब 25 फीसदी दूकानदारों ने दूकान भी खोले। बवाल के बाद अब दोनों समुदाय के बुद्धिजीवी भी धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं और अमन चैन बहाल करने मे ंप्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि दो परिवारों के झगड़े को अराजकतत्वों ने सांप्रदायिक रुप देने के लिए ऐसा किया है।
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कस्बा स्थित जुमा मस्जिद में शुक्रवार को मुस्लिम बंधुओं ने नमाज अदा की। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहे। नमाज को देखते हुए एसडीएम सदर सुबह करीब आठ बजे ही मस्जिद पर पुलिस बल के साथ पहुंच गए। एसडीएम ने मुस्लिम वर्ग के संभ्रात व बुजुर्ग लोगों से बात की हर संभव सुरक्षा का भरोसा दिया। जुमा मस्जिद में नमाज के बाद मस्जिद के मुफ्ती ने कहा कि कस्बा में हुई घटना निंदनीय है। कहा कि इस्लाम में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इस्लाम शांति का प्रतीक है। उन्होंने मुस्लिम बंधुओं के धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि इसके चलते ही आज सभी समाज में उनकी प्रशंसा की जा रही है। नमाज के बाद मुस्लिम बंधुओं ने कस्बा में अमन चैन के लिए दुआ भी मांगी।