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पंजीकृत किसानों का ही धान खरीदा जाएगा
ballia
Updated Tue, 19 Sep 2017 10:46 PM IST
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जनपद में एक नवंबर से धान क्रय केन्द्रों का संचालन शुरु जाएगा। धान बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसको लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरु कर दी है। उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा जो ऑनलाइन पंजीकृत होंगे।
धान खरीद योजना ऐसे पिछले कई सालों से लागू है लेकिन वर्ष 2016-17 से ई-प्रोक्योरमेंट नीति लागू है। इसके तहत किसानों को खाद्य एवं रसद के वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता हैं। अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2017-18 में भी इस नीति के तहत किसानों के धान की खरीद की जाएगी। ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम के तहत अधिक से अधिक किसानों के धान खरीद के लिए प्राइवेट प्लेयर्स रखने का प्रावधान है। अधिकारियों की मानें तो फिलहाल अभी विभाग की ओर से वर्ष 2017-18 की खरीद के लिए गाइड लाइन नहीं मिली है लेकिन क्रय केन्द्रों के निर्धारण की तैयारी की जा रही है।
बताया जाता है कि वर्ष 2016-17 में कुल 60 क्रय केन्द्र बनाए गए थे और इसके अलावा आधा दर्जन प्राइवेट प्लेयर्स की ओर से धान की खरीद की गई। हालांकि जनपद के बाढ़ प्रभावित होने के कारण खरीद का काम काफी प्रभावित हुआ था। लेकिन इस साल धान खरीद अच्छी होने की उम्मीद है। अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2017-18 में मार्केटिंग विभाग के अलावा, एफसीआई, एग्रो, पीसीएफ आदि के धान क्रय केन्द्रों का संचालन किया जाएगा। हालांकि पिछले साल कई स्थानों पर किसानों की ओर से धान क्रय केन्द्र दूर होने की शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस साल किसानों को उम्मीद है उसकी सुविधा के अनुसार केन्द्रों का निर्धारण होगा।
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जिला विपणन अधिकारी नरेन्द्र तिवारी ने बताया कि पहली नवंबर से धान की खरीद शुरू हो जाएगी। इसको लेकर किसानों को आनलाइन पंजीकरण कराना होगा। किसानों की सुविधा को देखते हुए धान क्रय केन्द्रों का प्रस्ताव किया जाएगा।
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धान खरीद योजना ऐसे पिछले कई सालों से लागू है लेकिन वर्ष 2016-17 से ई-प्रोक्योरमेंट नीति लागू है। इसके तहत किसानों को खाद्य एवं रसद के वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता हैं। अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2017-18 में भी इस नीति के तहत किसानों के धान की खरीद की जाएगी। ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम के तहत अधिक से अधिक किसानों के धान खरीद के लिए प्राइवेट प्लेयर्स रखने का प्रावधान है। अधिकारियों की मानें तो फिलहाल अभी विभाग की ओर से वर्ष 2017-18 की खरीद के लिए गाइड लाइन नहीं मिली है लेकिन क्रय केन्द्रों के निर्धारण की तैयारी की जा रही है।
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बताया जाता है कि वर्ष 2016-17 में कुल 60 क्रय केन्द्र बनाए गए थे और इसके अलावा आधा दर्जन प्राइवेट प्लेयर्स की ओर से धान की खरीद की गई। हालांकि जनपद के बाढ़ प्रभावित होने के कारण खरीद का काम काफी प्रभावित हुआ था। लेकिन इस साल धान खरीद अच्छी होने की उम्मीद है। अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2017-18 में मार्केटिंग विभाग के अलावा, एफसीआई, एग्रो, पीसीएफ आदि के धान क्रय केन्द्रों का संचालन किया जाएगा। हालांकि पिछले साल कई स्थानों पर किसानों की ओर से धान क्रय केन्द्र दूर होने की शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस साल किसानों को उम्मीद है उसकी सुविधा के अनुसार केन्द्रों का निर्धारण होगा।
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जिला विपणन अधिकारी नरेन्द्र तिवारी ने बताया कि पहली नवंबर से धान की खरीद शुरू हो जाएगी। इसको लेकर किसानों को आनलाइन पंजीकरण कराना होगा। किसानों की सुविधा को देखते हुए धान क्रय केन्द्रों का प्रस्ताव किया जाएगा।