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कोरोना और चुनावी काल में चुनौती से कम नहीं ऑनलाइन पढ़ाई

Wed, 19 Jan 2022 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jan 2022 10:54 PM IST
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Online education is no less than a challenge in Corona and election times
कोरोना और चुनावी काल में ऑनलाइन पढ़ाई ...बहुत मुश्किल है भाई!
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--चंद महीने बाद होने वाले बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र परेशान
--विद्यार्थियों के लिए इस समय कोर्स पूरा करने की जल्दी
संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। चंद महीने बाद होने वाले बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र परेशान हैं। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को इस समय कोर्स पूरा करने की जल्दी है। विद्यालयों में गुरुजनों से बोर्ड परीक्षा को लेकर मिलने वाले टिप्स की काफी अहमियत होती है, लेकिन छात्रों की पढ़ाई पर एक बार फिर कोरोना की काली छाया पढ़ गई है।
कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने सभी स्कूल और कालेजों को 23 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने को कहा गया है। शासन के निर्देश का जनपद के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थान पालन कर रहे हैं। अब ज्यादातर विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है, लेकिन इसमें तरह-तरह की मुश्किलें सामने आ रहीं हैं। कहीं छात्रों के पास एंड्राइड मोबाइल सेट की समस्या है, तो कहीं नेट की समस्या। इतना ही नहीं विद्यालयों में विषय वार शिक्षकों एवं पढ़ाई की भी दुश्वारियां छात्रों को झेलनी पड़ रही है। अभी तक आनलाइन पढ़ाई का सिस्टम सही नहीं हुआ है। सभी विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सरकारी तंत्र अभी काफी कमजोर है। निजी विद्यालयों में निश्चित रूप से ऑनलाइन शिक्षा काफी हद तक बेहतर है। लेकिन वहां भी विषयवार शिक्षकों की कमी आड़े आ रही है। छात्रों के घरों पर नेटवर्क सही न होना भी ऑनलाइन शिक्षा में बाधक बन रहा है। ऐसे में शिक्षकों के सामने ऑनलाइन पढ़ाई के साथ-साथ कोविड,वैक्सिनेशन और चुनावी ड्यूटी का निर्वहन करना चुनौती बन गया है।
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पहले से उठते रहे है सवाल
ऑनलाइन पढ़ाई के चलते पहले ही शिक्षा विभाग पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब एक बार फिर से शिक्षा विभाग के बड़े बड़े दावों की की पोल खुलती नजर आ रही है। एक तरफ तो सरकार ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है तो दूसरी तरफ शिक्षकों को कोविड और चुनाव में ड्यूटी लगाई जा रही है। बड़ी बात ये है कि शिक्षकों को यहां डयूटी करने के बाद बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी करवानी होगी।
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70 फीसद निजी विद्यालयों ने शुरू की पहल
जिले के नागाजी माल्देपुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की तरफ से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अभिभावकों को एक पत्र जारी किया है, जिसमें कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए छात्रों की पढ़ाई ऑनलाइन कराई जाएगी। इतना ही नहीं छात्रों को होमवर्क एवं प्रोजेक्ट वर्क भी घर से ही करना होगा। विद्यालय परिवार ने अभिभावकों से इस कोरोना काल में सहयोग की अपील करते हुए छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए प्रेरित करने को कहा है ताकि उनके पाल्य को हर क्षेत्र में अग्रणी रखा जाए। इसी प्रकार जनपद के सभी स्कूल एवं कालेजों के प्रधानाचार्यो ने छात्रों को बंदी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा से जोड़े जाने का निर्देश जारी किया है। अभी तक 70 फ़ीसदी प्राइवेट विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा आरंभ की गई है।
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क्या कहते हैं शिक्षक संघ पदाधिकारी
--कोरोना काल के इस दौर में सभी को सहयोग देना चाहिए, लेकिन अध्यापकों की ड्यूटियां लगाना सही नहीं है। पहले ही ऑनलाइन पढ़ाई सही नहीं चल रही है, अब ड्यूटियां लगने से ऑनलाइन पढ़ाई और अधिक प्रभावित होगी।

-सुशील पांडेय कान्हजी, वरिष्ठ प्रदेशउपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ।
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---अध्यापकों की कोरोना और चुनावी ड्यूटी के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई कराने का आदेश तर्कसंगत नहीं हैं। अगर उनकी डयूटी लगानी बहुत जरूरी है, तो डयूटी तक उनका अध्यापन कार्य बंद करवाया जाए, जोकि संभव भी नहीं है, क्योंकि इसका असर छात्रों के भविष्य एवं पाठ्यक्रम पर ही पड़ेगा।
-धनश्याम चौबे, जिलाध्यक्ष,विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन।
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