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दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे नपा के कर्मचारी
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बलिया। पीएफ, पेंशन, बीमा की रकम का संबंधित खाते में भुगतान नहीं करने के विरोध में मंगलवार से शुरू हुई नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। कार्यालय में तालाबंदी कर दी गई, जिससे कामकाज बाधित रहा। कर्मचारियों ने चेताया है कि यदि 10 जून तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो नगर की पेयजल आपूर्ति बाधित कर दी जाएगी।
एक वर्ष से एनपीएस, सात माह से लंबित पीएफ की कटौती करने के बाद भी संबंधित खाते में रकम नहीं जमा की जा रही है। इसके अलावा सामूहिक बीमा का भी नवीनीकरण नहीं कराया गया है। स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के जिला इकाई के बैनर तले आयोजिल हड़ताल में नगर पालिका के अलावा जलकल विभाग के संविदा कर्मी भी बकाया मानदेय के भुगतान के लिए हड़ताल में शामिल रहे। आरोप लगाया कि पिछले छह माह से उनके मानदेय का भी भुगतान नगर पालिका के प्रभारी लेखाकार की लापरवाही की वजह से नहीं हो पा रही है।
उन्होंने भविष्य निधि की धनराशि का ठेकेदारों को भुगतान करने की जांच के अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पेंशन पीएफएमएस (ऑनलाइन) सुविधा तत्काल उपलब्ध कराने, स्थायी कर्मचारियों का पीएफ, एनपीएस, सामूहिक बीमा, एलआईसी इत्यादि की कटौती कर खाते में न जमा करने के दोषियों के खिलाफ कारवाई करने समेत जलकल विभाग में कराये गये सम्पूर्ण कार्यों की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए। आरोप लगाया कि वर्ष 2020, 2021 में लेखाकार द्वारा जानबूझ कर देयकों को लंबित रखा गया था, जिसके चलते तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा था। भुगतान की मांग को लेकर नपा कर्मी आंदोलित थे। तब नपा प्रशासन ने मामले का 15 दिन में निस्तारण करने और जांच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि में न तो मांगें पूरी हुई और न ही जांच कराई गई। हड़ताल करने वालों में मुख्य रूप से भारत भूषण मिश्र, प्रमोद सिंह, गोपाल जी पांडेय, लक्ष्मी शंकर पांडेय, श्याम जी, ओमप्रकाश, अनिल राम, मनोज कुमार, नकुल राम, दीनानाथ, नारायण प्रसाद, मोहन प्रसाद, शंभू रावत, विशेश्वर, राजाराम रावत, अनिल सिंह, संतोष आदि शामिल रहे।
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एक वर्ष से एनपीएस, सात माह से लंबित पीएफ की कटौती करने के बाद भी संबंधित खाते में रकम नहीं जमा की जा रही है। इसके अलावा सामूहिक बीमा का भी नवीनीकरण नहीं कराया गया है। स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के जिला इकाई के बैनर तले आयोजिल हड़ताल में नगर पालिका के अलावा जलकल विभाग के संविदा कर्मी भी बकाया मानदेय के भुगतान के लिए हड़ताल में शामिल रहे। आरोप लगाया कि पिछले छह माह से उनके मानदेय का भी भुगतान नगर पालिका के प्रभारी लेखाकार की लापरवाही की वजह से नहीं हो पा रही है।
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उन्होंने भविष्य निधि की धनराशि का ठेकेदारों को भुगतान करने की जांच के अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पेंशन पीएफएमएस (ऑनलाइन) सुविधा तत्काल उपलब्ध कराने, स्थायी कर्मचारियों का पीएफ, एनपीएस, सामूहिक बीमा, एलआईसी इत्यादि की कटौती कर खाते में न जमा करने के दोषियों के खिलाफ कारवाई करने समेत जलकल विभाग में कराये गये सम्पूर्ण कार्यों की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए। आरोप लगाया कि वर्ष 2020, 2021 में लेखाकार द्वारा जानबूझ कर देयकों को लंबित रखा गया था, जिसके चलते तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा था। भुगतान की मांग को लेकर नपा कर्मी आंदोलित थे। तब नपा प्रशासन ने मामले का 15 दिन में निस्तारण करने और जांच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि में न तो मांगें पूरी हुई और न ही जांच कराई गई। हड़ताल करने वालों में मुख्य रूप से भारत भूषण मिश्र, प्रमोद सिंह, गोपाल जी पांडेय, लक्ष्मी शंकर पांडेय, श्याम जी, ओमप्रकाश, अनिल राम, मनोज कुमार, नकुल राम, दीनानाथ, नारायण प्रसाद, मोहन प्रसाद, शंभू रावत, विशेश्वर, राजाराम रावत, अनिल सिंह, संतोष आदि शामिल रहे।
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