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UP : चीफ इंजीनियर सहित दो की हत्या का मामला, दोषी को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना; 18 साल बाद आया फैसला

Tue, 28 Jan 2025 02:52 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 28 Jan 2025 02:52 AM IST
सार

बलिया के बाबू बेल गांव में 6 दिसंबर, 2006 को फायरिंग की गई थी। इसमें धनबाद कोल माइंस के चीफ इंजीनियर सहित दो लोगों की माैत हो गई थी। शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

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murder of chief engineer coal mines life imprisonment to culprit fine 50 thousand verdict after 18 years
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में लिया गया फैसला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलिया के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने कोल माइंस के चीफ इंजीनियर सहित दो लोगों की हत्या में हल्दी थाना क्षेत्र के विनय सिंह (विनय प्रताप सिंह) को 18 साल बाद दोषी करार दिया। अदालत ने विनय को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हल्दी थाना क्षेत्र के बाबू बेल गांव में 6 दिसंबर, 2006 में डॉ. सीताराम सिंह के अहाते में तिलकोत्सव था। इसमें अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। 
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फायरिंग में जिले के डॉ. अशोक सिंह के रिश्तेदार और धनबाद कोल माइंस के चीफ इंजीनियर चंदेश्वरी सिंह के साथ ही डांगरवाद निवासी मनोज मिश्रा की गोली लगने से मौत हो गई थी। एक व्यक्ति घायल हो गया था। 
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पुलिस ने मामले में मृतक मनोज मिश्रा के पिता की शिकायत पर डॉक्टर परिवार के चार लोगों डॉ. अशोक कुमार, डॉ. वैभव सिंह, डॉ. अभिषेक सिंह और डॉ. विनोद सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। चारों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। 

साक्ष्यों के आधार पर लिया गया फैसला
विवेचक ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी, लेकिन अदालत के आदेश पर दोबारा विवेचना हुई। दोबारा हुई पुलिस की विवेचना के बाद डॉक्टरों को राहत मिल सकी और पता चला कि मुख्य आरोपी विनय सिंह (विनय प्रताप सिंह) पुत्र लल्लन सिंह निवासी पोखरा है। 

पुलिस के मुताबिक, विनय सिंह ने ठेके के विवाद कोल माइंस के चीफ इंजीनियर चंदेश्वरी सिंह की हत्या की थी। चंदेश्वरी सिंह तिलकोत्सव में शामिल होने बलिया आए थे। चंदेश्वरी को गोली मारते क्षेत्र के मनोज मिश्रा ने देख लिया था, इसलिए विनय ने उसकी भी गोली मार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोबारा चार्जशीट अदालत में दाखिल की और मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह की अदालत में हुई।

अदालत ने साक्ष्यों कों देखा और विनय सिंह को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार दिया। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के आदेश के मुताबिक, जुर्माने की धनराशि में से 20 हजार रुपये मृतक मनोज के पिता राधेश्याम मिश्रा और 20 हजार रुपये मृतक चंदेश्वरी सिंह की पत्नी शकुंतला देवी को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे।

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