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दुष्कर्म और हत्या में आजीवन कारावास की सजा
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बलिया। वर्ष 2016 में रेवती थाना क्षेत्र में हुए दुष्कर्म की कोशिश, हत्या और अजन्मे बच्चे की मौत मामले में न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर आरोपी पर 2.10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही निर्देश दिया है कि उक्त धनराशि को मृतका की बच्चियों को दिया जाएगा।
मामला 14 अगस्त 2016 का है। वादी मुकदमा की बहन दिव्यांग थी। अपने घर में चारपाई पर सो रही थी। परिजन बाहर शौच के लिए गए थे। पड़ोसी घर खाली देख कर घर में घुस गया। दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। शोर मचाने पर अभियुक्त ने उसके पेट में चाकू मार दिया। पीड़िता चार माह की गर्भवती थी। इलाज के दौरान उसकी और अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। रेवती पुलिस की ओर से न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों को परीक्षित किया। शासकीय अधिवक्ता विष्णु दत्त पांडेय व विजयशंकर पांडेय तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामजी राय की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक न्यायाधीश नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने अभियुक्त निर्भय पासवान के खिलाफ दोष साबित पाते हुए कठोर आजीवन कारावास और 2.10 लाख अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही निर्देश दिया है कि उक्त धनराशि को मृतका की बच्चियों को दिया जाएगा। अर्थदंड अदा न करने पर और 6 महीना सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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मामला 14 अगस्त 2016 का है। वादी मुकदमा की बहन दिव्यांग थी। अपने घर में चारपाई पर सो रही थी। परिजन बाहर शौच के लिए गए थे। पड़ोसी घर खाली देख कर घर में घुस गया। दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। शोर मचाने पर अभियुक्त ने उसके पेट में चाकू मार दिया। पीड़िता चार माह की गर्भवती थी। इलाज के दौरान उसकी और अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। रेवती पुलिस की ओर से न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों को परीक्षित किया। शासकीय अधिवक्ता विष्णु दत्त पांडेय व विजयशंकर पांडेय तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामजी राय की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक न्यायाधीश नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने अभियुक्त निर्भय पासवान के खिलाफ दोष साबित पाते हुए कठोर आजीवन कारावास और 2.10 लाख अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही निर्देश दिया है कि उक्त धनराशि को मृतका की बच्चियों को दिया जाएगा। अर्थदंड अदा न करने पर और 6 महीना सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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