...तो बच जाती जान: बच्चों के साथ पत्नी चली गई, पुलिस ने नहीं की सुनवाई, गम में पति ने फंदे से लटक त्यागे प्राण
बलिया जिले के पिलुई गांव निवासी आशुतोष (30) ने फंदे से लटक कर जान दे दी। उसकी पत्नी कुछ दिन पहले दो बच्चों को लेकर गांव के ही एक युवक के साथ कहीं चली गई थी। आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी से गमजदा आशुतोष ने खुदकुशी कर ली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के बलिया जिले के पिलुई गांव में बुधवार को एक युवक ने फंदे से लटक खुदकुशी कर ली। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी कुछ दिन पूर्व चली गई थी। आरोप लगाया कि पुलिस से शिकायत पर कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। इसके बाद उसने गम में आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
मनियर थाना क्षेत्र के पिलुई गांव निवासी आशुतोष उर्फ सोनू वर्मा (30) का शव बुधवार दोपहर अपने कमरे में गमछे के सहारे फंदे पर लटकता मिला। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। शव लेने पहुंची पुलिस के सामने परिजनों ने रोते हुए आपबीती बताई। पिता भगवान वर्मा व माता आशा देवी ने बताया कि उनकी बहू अपने दो पुत्रों के साथ 17 अप्रैल को गांव के ही एक युवक के साथ चली गई।
इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो पुलिस अधीक्षक से भी मिलकर गुहार लगाई। आज तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस कोई कार्रवाई करती तो आशुतोष शायद ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठाता। इस मामले में थानाध्यक्ष मंतोष कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों के आरोप की जांच कर कार्रवाई होगी।
ये भी पढ़ें: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, फिर धर्म परिवर्तन भी कराया, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
पूजा के फूल विसर्जित करने गए किशोर की डूबने से मौत
बैरिया थाना क्षेत्र के शोभा छपरा गांव निवासी किशोर उमंग सिंह (11) पुत्र स्व. समीर सिंह बुधवार सुबह अपने घर में पूजा पर चढ़े फूलों को विसर्जित करने के लिए छह वर्षीय चचेरे भाई आरव सिंह के साथ भागड़ नाले पर गया था। फूलों को विसर्जित करते वक्त उसका पैर फिसल गया और उमंग नाले के गहरे पानी में जा डूबा। चचेरे भाई आरव को कुछ समझ नहीं आया। वह जोर-जोर से चीखने चिल्लाने लगा।
उसकी चीख सुन ग्रामीण दौड़ पड़े और कई लोग नाले में कूद गए। उमंग को आधे घंटे के भीतर खोज निकाला। उसको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना गांव में मिलते ही परिजनों सहित पूरे गांव में कोहराम मच गया। उमंग इकलौता पुत्र था। कक्षा 5 का छात्र था। इसकी दो बड़ी बहनें दीक्षा सिंह (18), साक्षी सिंह (14) इस हादसे से बेसुध हो चुकी हैं। चाचा बबलू सिंह सूचना पाते ही दरवाजे पर गिरकर बेसुध पड़े थे।