{"_id":"f30352b8e4f43a7a0e40595fd438be11","slug":"houses-ran-current-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों में दौड़ा करंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों में दौड़ा करंट
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 09 Jan 2015 10:48 PM IST
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नगर से सटे मिड्ढा गांव के पूरब टोला में गुरुवार की सुबह बिजली आपूर्ति के लिए खींचे गए तार आपस में टकरा गए। इसके बाद गांव के कई घरों में हाईवोल्टेज करंट दौड़ गया।
इसके चलते लाखों के बिजली उपकरण फुंक गए। कुछ घरों के केबल पिघलने से शार्टसर्किट हो गई। इसके बाद अपने आप बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इसकी जानकारी तत्काल विभागीय अधिकारियों को दी गई। घटना के बाद लोगों में दहशत के साथ ही विभाग के प्रति गहरी नाराजगी है।
मिड्ढा गांव के पूरब मोहल्ले के तार पूरी तरह जर्जर हो गए हैं। इसका नतीजा रहा कि गुरुवार की भोर में हवा के चलते जर्जर तार आपस में टकरा गए और घरों में 11 हजार वोल्ट की सप्लाई होने लगी। ऐसे में एक दर्जन से अधिक घरों में लगे फ्रिज, बल्ब, ट्यूब लाइट, सीएफएल, टीवी आदि फुंक गए।
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इस दौरान कई घरों में उपकरण तेज आवाज के साथ ध्वस्त हो गए। भोर का वक्त था, लोग भयवश जग गए। अभी कुछ समझ पाते कि चहुंओर अफरातफरी मच गई। पोल से लगे केबल भी गल गए।
ग्रामीणों ने जर्जर तार को बदलने के लिए कई बार क्षेत्रीय जेई को सूचना दी थी। लेकिन अब तक पूरब मुहल्ला का जर्जर तार नहीं बदला गया। जिससे ग्रामीणाें में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
आलम यह है कि ग्राम प्रधान के आवास के सामने जर्जर तार इतना ढीला हो गया है कि अगर उसके नीचे से कोई बड़ा जीव-जंतु गुजर जाए तो उसकी मौत तय है।
इसी प्रकार मिड्ढा के कारखाने के समीप हाईटेंशन तार ढीला होने के कारण एकदम नीचा हो गया है, जो हादसों को दावत दे रहा है। ज्ञात हो कि इसी स्थान पर करीब डेढ़ दशक पूर्व महावीरी झंडा जुलूस के दौरान एक हाथी की मौत हो गई थी। जबकि महावत समेत तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। संयोग अच्छा रहा कि उपचार के बाद तीन लोगों बच गए। लेकिन एक व्यक्ति आज भी पागल गांव में घूमता है। बावजूद बिजली विभाग कुम्भकर्णी निंद्रा से नहीं जाग रहा है। बल्कि किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।
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इसके चलते लाखों के बिजली उपकरण फुंक गए। कुछ घरों के केबल पिघलने से शार्टसर्किट हो गई। इसके बाद अपने आप बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इसकी जानकारी तत्काल विभागीय अधिकारियों को दी गई। घटना के बाद लोगों में दहशत के साथ ही विभाग के प्रति गहरी नाराजगी है।
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मिड्ढा गांव के पूरब मोहल्ले के तार पूरी तरह जर्जर हो गए हैं। इसका नतीजा रहा कि गुरुवार की भोर में हवा के चलते जर्जर तार आपस में टकरा गए और घरों में 11 हजार वोल्ट की सप्लाई होने लगी। ऐसे में एक दर्जन से अधिक घरों में लगे फ्रिज, बल्ब, ट्यूब लाइट, सीएफएल, टीवी आदि फुंक गए।
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इस दौरान कई घरों में उपकरण तेज आवाज के साथ ध्वस्त हो गए। भोर का वक्त था, लोग भयवश जग गए। अभी कुछ समझ पाते कि चहुंओर अफरातफरी मच गई। पोल से लगे केबल भी गल गए।
ग्रामीणों ने जर्जर तार को बदलने के लिए कई बार क्षेत्रीय जेई को सूचना दी थी। लेकिन अब तक पूरब मुहल्ला का जर्जर तार नहीं बदला गया। जिससे ग्रामीणाें में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
आलम यह है कि ग्राम प्रधान के आवास के सामने जर्जर तार इतना ढीला हो गया है कि अगर उसके नीचे से कोई बड़ा जीव-जंतु गुजर जाए तो उसकी मौत तय है।
इसी प्रकार मिड्ढा के कारखाने के समीप हाईटेंशन तार ढीला होने के कारण एकदम नीचा हो गया है, जो हादसों को दावत दे रहा है। ज्ञात हो कि इसी स्थान पर करीब डेढ़ दशक पूर्व महावीरी झंडा जुलूस के दौरान एक हाथी की मौत हो गई थी। जबकि महावत समेत तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। संयोग अच्छा रहा कि उपचार के बाद तीन लोगों बच गए। लेकिन एक व्यक्ति आज भी पागल गांव में घूमता है। बावजूद बिजली विभाग कुम्भकर्णी निंद्रा से नहीं जाग रहा है। बल्कि किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।