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खाद्य प्रसंस्करण के उद्योगों को बढ़ावा देगा उद्यान विभाग
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बलिया। अब तक बागवानी के लिए कार्य कर रहा उद्यान विभाग अब खाद्य प्रसंस्करण के उद्योगों को भी बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े चल रहे पुराने उद्योगों को अपग्रेड करने के लिए तीस लाख तक की मदद दी जाएगी। इसमें 10 की सब्सिडी रहेगी। वहीं नया उद्योग शुरू करने के लिए भी 35 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। इस वर्ष के लिए 98 उद्योगों का लक्ष्य रखा गया है। उद्यान विभाग ने खादी ग्राम उद्योग और जिला उद्योग केंद्र से चल रहे उद्योगों के बारे में जानकारी मांगी है। योजना के तहत 15-15 लाख के दो उद्योगों के लिए लाभार्थियों का चयन भी कर लिया गया है।
कोरोना काल में महानगरों में नौकरी कर जीवन यापन करने वालों का काफी संख्या पलायन हुआ था। शासन की मंशा है ऐसे लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। ताकि ये लोग अपने गृह जनपद में ही महानगरों की तरह आमदनी कर सकें। अब कर बागवानी संबंधी कार्यों के देख रहे उद्यान विभाग को भी उद्योग से जोड़ा जा रहा है। विभाग के माध्यम से शासन किसानों को खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित लघु उद्योग में बढ़ावा देने के लिए ऋण उपलब्ध कराएगा। साथ ही इस पर अच्छा खासा अनुदान भी मिलेगा। केंद्र सरकार की ओर से इस योजना का नाम प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना रखा गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में उद्यान विभाग को योजना के तहत 98 उद्योग लगाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के विभाग न सिर्फ नए उद्योग लगाने में मदद करेगा बल्कि खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े विभिन्न विभागों से चल रहे पुराने उद्योगों को भी अपग्रेड करने में मदद करेगा। पुराने उद्योग को अपग्रेड करने के लिए 30 लाख तक की मदद दी जाएगी। इसमें 10 फीसदी की सब्सिडी रहेगी। वहीं, नया उद्योग शुरू करने के लिए भी 35 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। एक करोड़ या इससे भी ज्यादा ऋण लिया जा सकता है। इस वर्ष के लिए 98 उद्योगों का लक्ष्य रखा गया है। उद्यान विभाग ने खादी ग्राम उद्योग और जिला उद्योग केंद्र से चल रहे उद्योगों के बारे में जानकारी मांगी है। योजना के तहत 15-15 लाख के दो उद्योगों के लिए लाभार्थियों का चयन भी कर लिया गया है। एक फाइल बैंक को भेज भी दी गई है। इससे उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मदद मिलेगी। व्यवसाय और खाद्य वस्तुओं में सुधार करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसका खर्चा सरकार उठाएगी।
इन उत्पादों का लगा सकेंगे उद्योग
बलिया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत छोटे उद्यमी आम, आलू, लीची, टमाटर आदि के अचार, मुरब्बा, जैम, साबूदाना, किन्नी, भुजिया, पेठा, पापड़, अचार, मोटे अनाज आधारित उत्पाद का उद्योग लगा सकेंगे। आटा मिल, चावल उद्योग, मसाले आदि का भी काम कर सकेंगे। मछली, पोल्ट्री, मांस और पशुचारे का भी उत्पादन कर सकेंगे।
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स्वयं सहायता समूहों को भी मिल सकती है पूंजी
बलिया। इसके साथ ही इस योजना के माध्यम से उद्यमी प्रारंभिक पूंजी भी प्राप्त कर सकते हैं। उद्यमी वर्किंग कैपिटल तथा औजारों की खरीद के लिए खाद्य प्रसंस्करण में कार्यरत प्रत्येक समूह के प्रत्येक सदस्य को 40 हजार रुपये प्रदान करने का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद उद्योग उन्नयन योजना के तहत नए उद्योग लगाने के साथ ही पुराने को अपग्रेड करने के लिए मदद दी जाएगी। योजना के अंतर्गत लोगों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने का मौका मिलेगा। सब्सिडी के तौर पर सरकार द्वारा राशि दी जाएगी। जिले 98 उद्योग का लक्ष्य मिला है।
- नेपाल राम, जिला उद्यान अधिकारी, बलिया।
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कोरोना काल में महानगरों में नौकरी कर जीवन यापन करने वालों का काफी संख्या पलायन हुआ था। शासन की मंशा है ऐसे लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। ताकि ये लोग अपने गृह जनपद में ही महानगरों की तरह आमदनी कर सकें। अब कर बागवानी संबंधी कार्यों के देख रहे उद्यान विभाग को भी उद्योग से जोड़ा जा रहा है। विभाग के माध्यम से शासन किसानों को खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित लघु उद्योग में बढ़ावा देने के लिए ऋण उपलब्ध कराएगा। साथ ही इस पर अच्छा खासा अनुदान भी मिलेगा। केंद्र सरकार की ओर से इस योजना का नाम प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना रखा गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में उद्यान विभाग को योजना के तहत 98 उद्योग लगाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के विभाग न सिर्फ नए उद्योग लगाने में मदद करेगा बल्कि खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े विभिन्न विभागों से चल रहे पुराने उद्योगों को भी अपग्रेड करने में मदद करेगा। पुराने उद्योग को अपग्रेड करने के लिए 30 लाख तक की मदद दी जाएगी। इसमें 10 फीसदी की सब्सिडी रहेगी। वहीं, नया उद्योग शुरू करने के लिए भी 35 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। एक करोड़ या इससे भी ज्यादा ऋण लिया जा सकता है। इस वर्ष के लिए 98 उद्योगों का लक्ष्य रखा गया है। उद्यान विभाग ने खादी ग्राम उद्योग और जिला उद्योग केंद्र से चल रहे उद्योगों के बारे में जानकारी मांगी है। योजना के तहत 15-15 लाख के दो उद्योगों के लिए लाभार्थियों का चयन भी कर लिया गया है। एक फाइल बैंक को भेज भी दी गई है। इससे उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मदद मिलेगी। व्यवसाय और खाद्य वस्तुओं में सुधार करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसका खर्चा सरकार उठाएगी।
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इन उत्पादों का लगा सकेंगे उद्योग
बलिया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत छोटे उद्यमी आम, आलू, लीची, टमाटर आदि के अचार, मुरब्बा, जैम, साबूदाना, किन्नी, भुजिया, पेठा, पापड़, अचार, मोटे अनाज आधारित उत्पाद का उद्योग लगा सकेंगे। आटा मिल, चावल उद्योग, मसाले आदि का भी काम कर सकेंगे। मछली, पोल्ट्री, मांस और पशुचारे का भी उत्पादन कर सकेंगे।
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स्वयं सहायता समूहों को भी मिल सकती है पूंजी
बलिया। इसके साथ ही इस योजना के माध्यम से उद्यमी प्रारंभिक पूंजी भी प्राप्त कर सकते हैं। उद्यमी वर्किंग कैपिटल तथा औजारों की खरीद के लिए खाद्य प्रसंस्करण में कार्यरत प्रत्येक समूह के प्रत्येक सदस्य को 40 हजार रुपये प्रदान करने का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद उद्योग उन्नयन योजना के तहत नए उद्योग लगाने के साथ ही पुराने को अपग्रेड करने के लिए मदद दी जाएगी। योजना के अंतर्गत लोगों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने का मौका मिलेगा। सब्सिडी के तौर पर सरकार द्वारा राशि दी जाएगी। जिले 98 उद्योग का लक्ष्य मिला है।
- नेपाल राम, जिला उद्यान अधिकारी, बलिया।