Ballia Election Result 2022: बेल्थरारोड सीट जिसकी, सरकार बनती है उसकी, इतिहास दोहराएगा या टूटेगा टोटका?
इस बार बेल्थरारोड विधानसभा के तीन दशक का इतिहास टूटेगा या फिर दोहराएगा ये चंद घंटों में ही पता चल जाएगा। वहीं राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार बेल्थरारोड का परिणाम अप्रत्याशित आने की संभावना है।
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तीन जिलों के सीमा पर स्थित बलिया की बेल्थरारोड विधानसभा की बात करें तो यहां से जुड़ा एक अजब इत्तिफाक रहता है। इस सीट पर जिस पार्टी का प्रत्याशी जीतता है सूबे में उसी की सरकार बनती है। कम से कम पिछले तीन दशक का इतिहास तो यही बताता है।
ऐसे में इस बार बेल्थरारोड विधानसभा के तीन दशक का इतिहास टूटेगा या फिर दोहराएगा ये चंद घंटों में ही पता चल जाएगा। वहीं राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार बेल्थरारोड का परिणाम अप्रत्याशित आने की संभावना है।
सन् 1989 में जनता दल प्रत्याशी के रूप में स्वर्गीय शारदानंद अंचल ने दूसरी बार जीत हासिल किया तो सूबे में जनता दल की सरकार बनी। 1991 में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी के रूप में हरिनारायण राजभर जीते और भाजपा की सरकार बनी। 1993 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर शारदानंद अंचल चुनाव जीते और सूबे में सपा की सरकार बनने के बाद अंचल शिक्षा व पशुपालन मंत्री बने।
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1996 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी हरिनारायण राजभर दूसरी बार विधायक बने और भाजपा की सरकार में कारागार मंत्री पद का निर्वहन किया। वर्ष 2002 में समाजवादी पार्टी के शारदानंद अंचल चुनाव जीतकर सहकारिता मंत्री बने। 2007 के चुनाव में पहली बार बसपा ने अपना खाता खोला और केदारनाथ वर्मा ने चुनाव जीता।
इसके साथ ही बसपा की सरकार बनी। 2012 के नये परिसीमन में सीयर विधानसभा का नाम बदल कर बेल्थरारोड सुरक्षित सीट पर समाजवादी पार्टी के गोरख पासवान ने अपनी जीत सुनिश्चित की और सपा की सूबे में सरकार बनी। 2017 में भाजपा के धनन्जय कनौजिया ने जीत दर्ज की और सूबे में भाजपा की सरकार बनी।
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जीत के जश्न को लेकर तैयारी में जुर्ट समर्थक,
मतगणना के बाद जीत हार का फैसला हो जाएगा। जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे तमाम प्रत्याशियों ने जश्न की तैयारी पहले ही कर ली है। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने आर्डर बुक कर दिए हैं। किसी ने दो क्विंटल फूल माला तो किसी ने 30-40 क्विंटल मिठाई का आर्डर दिया है। यहां तक बैंडबाजे भी बुक किए जा रहे हैं।
हर कोई अपने अंदाज में जीत का जश्न मनाने की तैयारी में है। शहर के हनुमानगढ़ी स्थित फूल की दुकान लगाने वाले दुकानदार विवेक बबलू माली, मोनू माली, छोटे माली, मीरा माली, धर्मात्मा माली ने बताया कि मतगणना को देखते हुए हम लोगों ने तैयारी कर ली है। फूल माला बनाने का काम तेजी के साथ शुरू कर दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को फूल माला उपलब्ध कराया जा सके।